भागलपुर में इन्हें मिलेगी बिजली बिल की समस्या से राहत

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बुनकरों को नए सिरे से मिलेगा बिजली कनेक्शन

भागलपुर: रेशमी शहर के पावरलूम बुनकरों को बिजली बिल की समस्या को लेकर थोड़ी राहत मिली है. जिले के पावरलूम चलाने वाले सभी बुनकरों को तत्काल शिविर लगाकर नए सिरे से कनेक्शन दिया जाएगा. इसके लिए बुनकरों को नियमित बिजली बिल भुगतान करने का करार करना होगा. सोमवार को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र कार्यालय में महाप्रबंधक अरविंद कुमार के साथ बुनकर संघर्ष समिति की बैठक हुई.

बैठक में तय हुआ कि दो दिनों में बुनकर संघर्ष समिति और विद्युत विभाग के बीच एग्रीमेंट होगा. इसमें बुनकरों से बिल भुगतान करवाने की जिम्मेदारी के लिए समझौता पत्र भरना होगा. अरविंद कुमार ने कहा कि नए कनेक्शन पर हर माह कम-से-कम 90 फीसदी भुगतान कराने की जिम्मेदारी बुनकर संघर्ष समिति की होगी. बिल भुगतान नहीं करने पर ग्रिड से बुनकर क्षेत्र का कनेक्शन काट दिया जाएगा. बकाया बिजली बिल माफ करने के संबंध में महाप्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा कि इसपर सरकार के स्तर से निर्णय लिया जाना है.

जिले के 7575 पावरलूम से जुड़े बुनकरों पर 450 करोड़ रुपये के बकाए राशि के भुगतान में बुनकरों ने असमर्थता व्यक्त की. उन्होंने नये सिरे से कनेक्शन के लिए सेवा शर्त का मॉडल प्रस्तुत किया. अब इस पर अंतिम फैसला पटना मुख्यालय में होगा.

सरकार तक बुनकरों की समस्या को पहुंचाया जाएगा. कैबिनेट के निर्णय के बाद बिल माफ करना संभव हो सकता है. इस बीच महाप्रबंधक ने बकाया बिल का भुगतान किस्त में करने के साथ डीपीएस का लाभ देने का प्रस्ताव रखा. बुनकर संघर्ष समिति अपने पुराने मांग पर अड़े रहे. बुनकर संघर्ष समिति के अध्यक्ष व प्रवक्ता देवाशीष बनर्जी ने कहा कि कहा कि दो पुस्त से बिजली बिल बकाया का भुगतान करने की स्थिति में बुनकर नहीं हैं. इतनी बड़ी राशि का भुगतान बुनकर अपने घर बेच कर भी नहीं कर सकेंगे.

नए सिरे से बिजली कनेक्शन के साथ बिल का भुगतान करेंगे. इसके बाद अगर बुनकर बिल का भुगतान नहीं करेंगे तो उनका कनेक्शन खुद काट देंगे. सरकार द्वारा बुनकरों को बिजली बिल पर सब्सिडी राशि दी जाती है. जिसका लाभ बुनकरों को नहीं मिल पाती है.जिनके नाम से कनेक्शन है उनमें से अधिकांश की मृत्यु हो चुकी है. इससे सब्सिडी से बुनकर वंचित हो गए है.

कनेक्शन वाले परिवारों की संख्या बढ़ने के बाद अलग-अलग कारोबार कर रहे हैं. ऐसी परिस्थिति में बिल का भुगतान करना संभव नहीं है. इस दौरान बुनकर प्रतिनिधियों ने पावरलूम के लिए अलग से फीडर की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई. इस मौके पर अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह, जुम्मन अंसारी, अय्याज अली, हैयातुल्ला, सज्जन कुमार, सज्जन व गोपाल आदि मौजूद थे.

सुविधा के साथ राजस्व का टास्क:

सरकारी बिजली कंपनी के वरीय अधिकारियों ने राजस्व बढ़ाने के लिए आयुक्त कार्यालय के सभागार में बैठक की. बेहतर सेवा के साथ शत प्रतिशत राजस्व वसूली का भी टास्क अधिकारियों को दिया गया. महाप्रबंधक (राजस्व) अरविंद कुमार व महाप्रबंधक(वित्त) प्रदीप मांझी ने अधिकारियों से कहा कि हम वाणिज्यिक कंपनी चलाते हैं. बिजली के खरीद, मेनटेनेंस, कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में खर्च मिलकर 5.60 पैसे प्रतियूनिट खर्च आता है.

अकेले भागलपुर शहरी इलाके में औसत 20 करोड़ की बिजली खपत होती है. अभी कितना राजस्व आ रहा है. उपभोक्ताओं से खर्च की गई बिजली का शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य दिया. परेशानी हो तो तत्परता से समाधान किया जाए. लापरवाह कर्मचारी व अधिकारी पर सीधे कार्रवाई की जाएगी.

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