महापर्व छठ का दूसरा दिन, आज है खरना

पटना : बिहार और यूपी के कई इलाकों में मनाए जाने वाले छठ पर्व की शुरुआत हो चुकी है. कार्तिक महीने में छठ मानने का विशेष महत्व है. छठ का त्‍योहार एक साल में दो बार मनाया जाता है. पहली बार ये त्योहार चैत्र महीने में और दूसरी बार कार्तिक महीने में आता है. भगवान सूर्य की उपासना के साथ छठ पर्व की शुरुआत होती है. हिंदू धर्म में किसी भी पर्व की शुरुआत स्नान के साथ ही होती है और ये पर्व भी स्नान यानी नहाय-खाय के साथ होता है.

पहला दिन
छठ पर्व का पहला दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी नहाय खाय के रूप में मनाया जाता है. नहाय-खाय के मौके घर की पूरी तरह से सफाई की जाती है. शुद्ध शाकाहारी भोजन बनाते हैं. इस दिन व्रती महिलाएं स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कद्दू व चावल के बने प्रसाद को ग्रहण करती हैं.

दूसरा दिन
खरना, छठ पूरा का दूसरा दिन होता है. इस दिन खरना की विधि की जाती है. खरना का मतलब है पूरे दिन का व्रत. व्रती महिला या पुरुष इस दिन जल की एक बूंद तक ग्रहण नहीं करते हैं. खास बात ये है कि खरना का प्रसाद नए चूल्हे पर ही बनाया जाता है. शाम होने पर गन्ने का जूस या गुड़ के चावल या गुड़ की खीर का प्रसाद बना कर बांटा जाता है.

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