‘खाकी’ नहीं अब ‘खादी’ का काम देखेंगी बिहार की IPS प्रीता वर्मा

नई दिल्‍ली : बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा का दायित्‍व अब बदल रहा है . वह सेंट्रल डेपुटेशन पर आ रहीं हैं . बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने के अनुरोध को पहले ही एनओसी प्रदान कर रखा है . प्रीता वर्मा 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं . बिहार में एडीजी का रैंक प्राप्‍त है .

नार्थ-साउथ ब्‍लॉक के सूत्रों के मुताबिक प्रीता वर्मा की पोस्टिंग सेंट्रल डेपुटेशन में आने के बाद मुंबई में किया जा रहा है . उनके पदस्‍थापन का निर्णय हो चुका है . प्रीता वर्मा को भारत सरकार में ज्‍वाइंट सेक्रेट्री लेवल पर खादी एंड विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन (KVIC) का चीफ एग्‍जीग्‍यूटिव ऑफिसर (सीईओ) बनाया गया है .

जाहिर तौर पर नये पदस्‍थापन में आईपीएस प्रीता वर्मा के पास पुलिस के कार्य नहीं होंगे . उनके दायित्‍व में खादी का प्रोडक्‍शन और प्रमोशन होगा . प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी खादी के प्रमोशन को लेकर बहुत सजग रहते हैं . भारत सरकार में एमएसएमई मामलों के राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने तो पिछले दिनों दीपावली के मौके पर खादी की रिकार्ड बिक्री पर कई ट्वीट भी किये थे .

प्रीता वर्मा अभी बिहार पुलिस के हेडक्‍वार्टर में पदस्‍थापित हैं . पिछले वर्ष वह 2015 में चर्चा में आई थीं,जब बिहार कैडर के एक आईपीएस अधिकारी पुष्‍कर आनंद पर अपने मातहत डीएसपी के साथ सेक्‍सुअल हा्समेंट के आरोप लगे थे . तब प्रीता वर्मा ने जांच रिपोर्ट में आईपीएस पुष्‍कर आनंद के खिलाफ आरोपों को सत्‍य पाया था .

प्रीता वर्मा मूल रुप से राजस्‍थान की रहने वाली हैं . उनकी बड़ी बहन श्रीमती राजबाला वर्मा झारखंड कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और स्‍टेट की चीफ सेक्रेट्री रह चुकी हैं . अलग झारखंड राज्‍य बनने के पहले राजबाला वर्मा भी बिहार में ही पदस्‍थापित थीं .

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