हवाई सफर के शौकीन हैं पटनाइट्स, बिजी 20 एयरपोर्ट में शामिल पटना

फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : कई खामियों के बाद भी पटना एयरपोर्ट देश के टॉप 20 व्यस्ततम एयरपोर्ट में शामिल हो गया है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी रैंकिंग में पटना को 18वीं रैंक मिली है. बता दें कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या के आधार पर यह रैंकिंग तय हुई है.

देशभर में टॉप पर दिल्ली एयरपोर्ट रहा जहां 5 करोड़ 77 लाख, 3 हजार 96 लोगों ने सफर किया. वहीं पटना एयरपोर्ट से 21 लाख 12 हजार 105 लोगों ने सफर किया. पटना एयरपोर्ट के निदेशक राजेन्द्र सिंह लाहौरिया ने बताया कि यह इजाफा अप्रत्याशित है. पटना एयरपोर्ट ने इस मामले में कई बड़े एयरपोर्ट को पीछे छोड़ दिया है.

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देश के चारों महानगरों में दिल्ली में 19.2, मुंबई में 8.4, बेंगलुरु में 20.6 और चेन्नई में 20.7 फीसदी बढ़ोतरी रही. पैसेंजर की संख्या बढ़ने की वजह से ही पटना एयरपोर्ट की रैंकिंग में 4 स्थान की बढ़ोतरी आई है. यह इंदौर, जयपुर, चंडीगढ़ से आगे निकल गया. गौरतलब है कि राजधानी के लोगों ने हालिया महीनों में हवाई सफर में चारों महानगरों को मात दी है. पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही की संख्या में रिकार्ड 33.34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

विमान यात्रा में इसलिए हुई बढ़ोतरी : विशेषज्ञों की मानें तो रेलवे टिकट का महंगा होना, लोगों की आय में इजाफा और कामकाजियों की बढ़ती जरूरतों के बीच सस्ते हो रहे हवाई किराये की वजह से पटना के लोगों ने विमान यात्रा में विशेष रुचि दिखाई.

उड़ानों की संख्या में भी बढ़ोतरी : पटना एयरपोर्ट पर वर्ष 2005-06 में जहां 3814 विमानों ने उड़ान भरी वहीं 2016-17 में यह आंकड़ा 15508 पर पहुंच गया. दिलचस्प यह है कि पटना एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय विमानों की आवाजाही नहीं हो रही है. यह सुविधा उपलब्ध होने पर यात्रियों और फ्लाइट की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है.

कुछ कमियों की वजह से मात खा रहा पटना एयरपोर्ट

  • छोटा रनवे की वजह से नहीं उतरते बड़े जहाज
  • मात्र चार पार्किंग स्टैंड की वजह से होती है देरी
  • मौजूदा टर्मिनल बिल्डिंग एक मंजिला, संकीर्ण है परिसर
  • बोडिंग काउंटर भी है कम, 24 घंटे उड़ान की नहीं है सुविधा
  • डिमांड के बावजूद सिंगापुर, अबुधाबी, काठमांडू के लिये उड़ानें नहीं

वर्ष     उड़ान  संख्या  यात्री संख्या
2004-05     3814    176234
2005-06      4140    218824
2006-07      9723    352434
2007-08      12604   444458
2008-09      9666    369408
2009-10        10726   552542
2010-11         9547     838509
2011-12        10369    1021544
2012-13         9972    1003169
2013-14         9900    1045237
2014-15         11054    1196540
2015-16          13947  1584013
2016-17           15508  2112150
2017 -सितंबर तक 11824 1435174

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