सिमरियाधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 5 लाख से अधिक ने शाही स्नान में लिया भाग

बेगूसराय (बिनोद कर्ण): बेगूसराय के सिमरिया धाम में लगे तुलार्क महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान में अल सुबह से ही गंगा में डूबकी लगाने का सिलसिला शुरू हो गया. एक अनुमान के मुताबिक दिन के 11 बजे तक 5 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं अभी भी श्रध्दालुओं का आना-जाना जारी है. मिथिलांचल व बिहार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से भी कुछ श्रध्दालु पहुंच चुके हैं.

हालांकि प्रयाग से आने वाले आखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी आज शाही स्नान में भाग नहीं ले पाए. उन्हें 28 अक्टूबर को ही सिमरियाधाम पहुंचना था लेकिन वे नहीं पहुंच पाए. इस बाबत कुंभ सेवा समिति के उपाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिंह अमर ने बताया कि लखनऊ में उनका फ्लाइट छूटने के कारण वे यहां नहीं पहुंच पाए.

उन्होंने उम्मीद जताई है कि कुंभ के दौरान किसी भी दिन यहां आ सकते हैं. समय निर्धारित होने के बाद इसकी सूचना दी जाएगी. शाही स्नान में भारी संख्या में नागा संत, खालसा व विभिन्न मठों के संत-महंतों ने भाग लिया. देश के अलग अलग हिस्सों से आये साधु-संत, अखड़ा के साधु व नागा बाबाओं ने 28 अक्टूबर को दूसरे शाही गंगा स्नान में भाग लेकर देश के पांचवें कुंभ स्थल के रूप में सिमरियाधाम को मान्यता प्रदान कर दी है.

गंगा स्नान के दौरान संभावित खतरों से निबटने के लिए जहां गंगा की धारा के किनारे बैरीकेटिंग किया गया है वहीं SDRF की टीम बड़ी संख्या में चौकसी बरतने में लगी है.

28 अक्टूबर की रात ही पहुंच गए लाख से अधिक लोग

शनिवार की रात तक लाख से अधिक लोग पहुंच गए. प्रशासन व्दारा कुंभ को लेकर मेला के क्षेत्र में बढ़ोतरी के बावजूद पूरा परिसर ठसाठस लग रहा था. अक्षय नवमी पर गंगा स्नान से कई तरह के पुण्य मिलने को लेकर पूर्व में इस अवसर पर भीड़ जुटती रही है. लेकिन इस बार जुटी अप्रत्याशित भीड़ कुंभ की सफलता का बयां कर रही है.

गाजे-बाजे के साथ 9 बजे शुरू हुआ शाही स्नान

सुबह में 9 बजे गाजे-बाजे के शाही स्नान के पूर्व DM मो. नौसाद युसूफ व SP आदित्य कुमार सिमरिया धाम पहुंच गए और विधि-व्यवस्था का जायजा लिया. भारी भीड़ को देखते हुए शाही स्नान को घाट पर आने वाले सभी वाहनों को बरौनी थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) के पास व राजेन्द्र पुल से पहले हाथिदह में ही रोक दिया गया. वहीं भारी वाहनों के परिचालन पर जीरोमाईल के पास ही रोक दी गयी है. सुरक्षा को लेकर महिला सिपाही को भी बड़ी संख्या में तैनात किया गया है.

8 नवम्बर को अंतिम शाही स्नान में अधिक भीड़ जुटने की संभावना

तुलार्क महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान 8 नवंबर को संपन्न होगा. हालांकि कुंभ का समापन 16 नवम्बर को होना है. पहला शाही स्नान 19 अक्टूबर को हुआ था. इससे पूर्व 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उद्घाटन करने यहां पहुंचे थे. उद्घाटन समारोह में हरिद्वार, प्रयाग व अयोध्या सहित देश के कोने-कोने से पहुंचे संत-महात्माओं ने भाग लिया था. यहां 6 अक्टूबर से एक माह तक चले वाला विश्व प्रसिद्ध कल्पवास मेला भी आरंभ है. संध्याकाल में गंगा आरती का आयोजन वाराणसी की अनुभूति करा रहा है. बताते चलें कि गंगा आरती वाराणसी से आये पंडितों व्दारा ही संपन्न कराया जा रहा है.

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