हजरत बीबी कमाल के मजार पर चादरपोशी के साथ सूफी महोत्सव का शुभारंभ  

जहानाबाद (मुकेश कुमार): अपनी दुआओं के असर के लिए चर्चित जहानाबाद जिले के काको स्थिति हजरत बीवी कमाल की याद में चादरपोशी कर सूफी महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने किया. इस मौके पर हजरत बीबी कमाल के मजार की महत्ता पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार के ऐतिहासिक पुरातात्विक धर्मिक और साम्प्रदायिक सद्भाव केन्द्रों में एक है. बीवी कमाल तुगलक वंश के शासनकाल में एक सूफी संत महिला थी जो तांत्रिक विद्या के लिए विख्यात थीं.

उन्होंने कहा कि सरकार हजरत बीबी कमाल के मकबरे को विकसित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस दिशा में सरकार द्वारा कई कदम उठाये गये हैं. इधर सूफी महोत्सव में शिरकत करने पहुंचे शिक्षा व विधि मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि सरकार ने इसे सूफी सर्किट से जोड़कर पर्यटन के नक्शे पर लाया है. मंत्री वर्मा ने बीबी कमाल के ऐतिहासिक दरगाह की महत्ता को समझते हुए इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की एक बड़ी योजना बनाई है.

इधर मखदुमपुर विधायक सूबेदार दास ने बीबी कमाल के ऐतिहासिक दरगाह की महत्ता पर प्रकाश डाला. जिप अध्यक्ष आभा रानी ने कहा कि बीबी कमाल के ऐतिहासिक दरगाह गंगा—जमुनी संस्कृति को जीवंत रखे हुए है. जैसे-जैसे शाम ढलती गयी वहां मौजूद हजारों श्रोता सूफियाना संगीत की लहरों पर डूबते उतराते रहे. इस अवसर पर डीएम मनोज कुमार सिंह, एसपी मनीष कुमार, एसडीओ डॉ. नवल किशोर चौधरी, एएसपी संजय कुमार सिंह, एएसपी अभियान अनिल सिंह, एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव, पूर्व जिप अध्यक्ष सह जिला पार्षद संगीता देवी, जदयू जिलाध्यक्ष राजीव नयन, काको थानाध्यक्ष ज्योति बसु सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.

ढलती गयी शाम और जवां होती गयी संगीत
सूफी महोत्सव में देश की जानी-मानी सूफी गायक शारीब के सूफीयाना संगीत का काकोवासियों ने जमकर लुत्फ उठाया. इस अवसर पर सूफी गायन में तोषी एवं फरीद अहमद ग्रुप सूफी के कलाकारों ने अपने कलाम से अपने कार्यक्रम का आगाज किया. शारीब के सूफीयाना पर लोगों ने जमकर ताली बजायी.

कार्यक्रम के दरम्यान जैसे-जैसे समय ढलती गयी संगीतमयी रात जवां होती गयी. वहीं कव्वाली के कलाकारों ने लोगों को जज्बाती कर दिया. कार्यक्रम में भीड़ सूफी संगीत की सरिता में डूबती उतराती परन्तु पूरी अनुशासित नजर आयी. कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गये कव्वाली ने लोगों को वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया.

यह भी पढ़ें – पुनपुन नदी में तर्पण करने की प्राचीन मान्यताएं हैं, युगों से चली आ रही है परंपरा
(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*