छपरा : CDPO पर लगा पैसा कटौती करने का आरोप, गार्जियन ने जमकर काटा बवाल

छपरा : आज आंगनबाड़ी क्षेत्र वार्ड संख्या 10 और 12 के सभी केन्द्रों के अभिभावक स्थानीय काशी बाजार मंदिर परिसर में जमा होने लगे. और सभी केन्द्रों के सेविका से केंद्र पर नामित 40 बच्चों के बारी बारी से अभिभावक लोगों ने पोशाक की राशि 250/ रुपया प्रति की दर से माँगना शुरू किया. जिस पर सभी सेविका ने बताया कि इसबार सीडीपीओ के द्वारा व्यापक कटौती की गयी है. जिसके कारण हमलोग सभी बच्चों का पैसा नहीं दे सकते. इसपर सभी अभिभावक LS के सामने जमकर हंगामा किये. सीडीपीओ मुर्दाबाद के नारे लगाये. जिसके चलते अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

बाद में वार्ड 10 की आयुक्त श्रीमती रेखा देवी चौहान, वार्ड 12 की पार्षद पुष्पा देवी चौहान और राजेश चौहान के दखल पर हंगामा शांत हुआ. वार्ड आयुक्त ने कहा कि यदि सभी 40 बच्चों के पैसा बांटना है तो बांटिये नहीं तो 18 या 20 बच्चों का पैसे देना है तो बन्द कर दीजिये. बटेगा तो सबका नहीं तो सिर्फ खानापूर्ति नहीं होगी. दलित और महादलित बस्तियों की सैकड़ों महिलाओं ने कहा की सीडीपीओ की तानाशाही नहीं चलेगी.

इस अवसर पर हंगामा को शांत करते हुए राजेश चौहान ने कहा कि बिहार सरकार जब 40 बच्चों का पैसे दे रहा है तब ये सीडीपीओ कौन होती है बच्चों की पैसो की कटौती करने वाली. यदि जररूत पड़ी तो हमसभी लोग जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन कर ऐसे तानाशाह सीडीपीओ को सदर परियोजना से अतिशीघ्र हटाने की मांग करेंगे.

जहां एक तरफ बिहार सरकार दलित और महादलित के बच्चों को शिक्षा देने और मुख्यधारा में जोड़ने के लिये तरह-तरह की योजना चला रही है. वहीं ऐसे पदाधिकारी उन योजनाओं पर कुंडली मार के बैठ गए हैं. सुनने मे आया है कि पहले 40 बच्चों के पोशाक की राशि भेजने के लिए सभी सेविका से पैसे लेती थी. इस बार किसी सेविका ने पैसा नहीं दिया तो पोशाक की राशि और पोषाहार की राशि में व्यापक कटौती कर दी गयी है. सीडीपीओ द्वारा किया गया यह व्यवहार मासूम बच्चों पर अत्याचार है, जिसे बरदाश्त नहीं किया जायेगा

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