बिहार संपर्क क्रांति में यात्रियों को अच्छा खाना मिलने की जगी आस

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छपरा : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा जंकशन से होकर गुजरने वाली बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट ट्रेन में खान-पान की व्यवस्था अब IRCTC ने संभाल ली है. IRCTC को यह जिम्मेवारी रेलवे प्रशासन ने सौंप दी है. ट्रेन में यात्रियों को घटिया किस्म के भोजन तथा जलपान व अन्य खाद्य सामग्री बेचने तथा मनमाने ढंग से राशि की वसूली करने के आरोप में यह कार्रवाई की गयी है. बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट ट्रेन में घटिया भोजन तथा जलपान व अन्य खाद्य सामग्री बेचने की खबर लाइव सिटीज मीडिया  ने 27 जुलाई को प्रमुखता से चलायी थी.

क्या है मामला : 
बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 12565/12566 के यात्री लगातार खान-पान से संबंधित शिकायत करते आ रहे थे. यात्रियों की शिकायत पर रेलवे प्रशासन ने यह कार्रवाई की है. रेल प्रशासन ने बिहार संपर्क क्रांति के पैंट्रीकार के ठेकेदार मेसर्स आरके एसोसिएट एंड होटेलियर्स प्रा. लि. का अनुबंध रद्द कर दिया और इसके संचालन की जिम्मेवारी IRCTC को दे दी गयी है. रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दरभंगा-नयी दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यात्री लगातार शिकायत कर रहे थे. इसमें खाने की गुणवत्ता में कमी, निर्धारित दर से अधिक की वसूली व दुर्व्यवहार की शिकायत बढ़ रही थी.
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शिकायत के आधार पर ठेकेदार को चेतावनी देने के साथ आर्थिक दंड भी लगाया गया. बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ. दो अगस्त को 12565 दरभंगा-नयी दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यात्री द्वारा खान-पान में लापरवाही की शिकायत मिली. इसे रेल प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए ठेका रद्द करने का निर्णय लिया. इसके पहले छपरा जंकशन पर 25 जुलाई को गोरखपुर से आये वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी जांच की, जिसमें व्यापक अनियमितता पायी गयी थी. इसके पहले 22 जुलाई को गोरखपुर स्टेशन पर भी वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने इस ट्रेन के पैंट्रीकार की जांच की थी, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आयी थी.
कैग की रिपोर्ट पर लगी मुहर :
पिछले माह कैग की रिपोर्ट पर रेलवे प्रशासन ने मुहर लगा दी है और यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रेनों में खान-पान की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. यात्रियों से मनमानी कीमत की वसूली करने के बावजूद पैंट्रीकार के संचालक घटिया किस्म का भोजन व जलपान व अन्य खाद्य सामग्री परोसते हैं. छपरा जंकशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में वैशाली सुपर फास्ट ट्रेन भी शामिल है, जिसके पैंट्रीकार की जांच में घटिया किस्म के भोजन तथा जल पान व अन्य खाद्य सामग्री बेचने का मामला सामने आ चुका है.
छपरा जंकशन तथा गोरखपुर में जांच के दौरान वैशाली सुपर फास्ट ट्रेन के पैंट्रीकार में भी व्यापक पैमाने पर अनियमितता सामने आयी थी. बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट ट्रेन के पैंट्रीकार के ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और अब वैशाली सुपर फास्ट ट्रेन के पैंट्रीकार के ठेकेदार पर कार्रवाई होने की बारी है. इसके अलावा गंगा कावेरी सुपर फास्ट, स्वतंत्रता सेनानी सुपर फास्ट ट्रेन, पवन एक्सप्रेस, अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन के पैंट्रीकार की स्थिति भी बिहार संपर्कक्रांति सुपर फास्ट ट्रेन के पैंट्रीकार जैसी ही है.

क्या कहते हैं अधिकारी :
बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट ट्रेन के पैंट्रीकार की जांच में लगातार कई बार अनियमितता पायी गयी थी  और रेलवे प्रशासन की ओर से ठेकेदार को कई बार चेतावनी दी गयी, लेकिन कोई सुधार नहीं होने के कारण रेलवे प्रशासन ने ठेकेदार का अनुबंध समाप्त कर दिया है. इस ट्रेन में आइआरसीटीसी खान-पान की व्यवस्था करेगी.
– अशोक कुमार, रेलवे जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे

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