तैयार है पैकेज : आराम के साथ देखें बाल्मीकिनगर में बाघ और भागलपुर में डॉल्फिन को

पटना : बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. इसके लिए बाल्मीकिनगर से लेकर भागलपुर तक काम किया जा रहा है. इन जगहों के महत्व को समझते हुए ऐसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक बिना किसी समस्या के घूमने-फिरने का आनंद ले सकें. यह जानकारी डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने दी है.

आज गुरुवार को डिप्टी सीएम-सह-वन व पर्यावरण मंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई योजनाओं को लेकर निर्देश दिए गए. उन्होंने बताया कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बिहार सरकार बाल्मीकिनगर व्याध्र आश्रयणी में जहां इको टूरिज्म को बढ़ावा देगी वहीं गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य भागलपुर-बटेश्वर स्थान से बिक्रमशिला तक नौका बिहार का एक पैकेज अगले महीने लांच करेगी. इतना ही नहीं  मुंगेर के भीम बांध स्थित गर्म कुंड को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने तथा राजगीर सफारी के विकास कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है.

Sushil-Modi-1
फाइल फोटो

उन्होंने बताया कि बाल्मीकिनगर में पर्यटकों के रात्रि विश्राम के लिए 80 बेड की डॉरमेटरी, 12 वातानुकूलित कमरे और स्वीस टेंट का निर्माण कराया गया है. पर्यटकों के नौकायन के लिए कश्मीर की तर्ज पर हाउस बोट की व्यवस्था के साथ ही जंगल भ्रमण के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाने, वन्य जीव से संबंधित चलचित्र प्रदर्शन व नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना तथा बेतिया-वाल्मीकिनगर मार्ग को सुविधाजनक बनाने का निर्णय लिया गया. मोदी ने बताया कि पिछले साल बाल्मीकिनगर में 35 हजार पर्यटक आए थे. इस साल उनकी संख्या दुगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है.

डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य भागलपुर-बटेश्वर स्थान से बिक्रमशिला तक नौकायन के लिए 24 सीटर बोट की खरीद की गई है. नौकायन के जरिए पर्यटक डॉल्फिन देख सकेंगे. अगले महीने इस पैकेज को लांच किया जायेगा. मुंगेर के भीम बांध स्थित गर्म कुंड में अधिक से अधिक सैलानी आ सकें इसके लिए वहां सुविधाओं के विकास का निर्णय लिया गया.

इसके अलावा पर्यटन विभाग से समन्वय स्थापित कर राजगीर से घोड़ाकटोरा पहुंच मार्ग को सुविधाजनक बनाने, राजगीर सफारी के अन्तर्गत शेर, बाध, तेन्दुआ, भालू और चीता के लिए निर्माणाधीन अलग-अलग पांच इनक्लोजर के कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है.

यह भी पढ़ें – बिहार सरकार को खोजे नहीं मिल रहे IAS सीके अनिल, फिर मिला अल्टीमेटम

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमेंफ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*