सरस्वती की मौत से जागा प्रशासन, शुरू होगी जांच

लाइव सिटीज डेस्क : नालंदा की सरस्वती तो आपको याद ही होगी. वही सरस्वती जिसे नालंदा से एक अप्रवासी भारतीय दंपति अपने साथ अमेरिका ले गए थे. बाद में उसकी लाश पुलिस ने बरामद की थी. सरस्वती की असमय मौत ने देर से ही सही लेकिन बिहार पुलिस की आंखें खोल ​दी हैं. अचानक बिहार के अनाथालय पुलिस के रडार पर आ गए हैं. अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है कि सरस्वती को गोद देने में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई थी.

बुधवार को नालंदा के डीएम ने कहा कि सरस्वती को गोद देने वाला अनाथालय एक महीना पहले बंद हो चुका है. वहीं नालंदा के एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने कहा कि ज्यादातर मामलों में संस्थाएं बच्चे को गोद देने से पहले पुलिस को सूचना देना जरूरी नहीं समझते हैं. सोमवार को बिहार सरकार ने तीन साल की शेरिन मैथ्यूज की मौत के मामले मेंं जांच के आदेश दिए हैं.

US पुलिस को मिली थी लाश

शेरिन को नालंदा के मदर टेरेसा अनाथ सेवा संस्थान ने गोद दिया था. केरल के दंपति ने इसी केन्द्र से दो साल पहले बच्ची को गोद लिया था. शेरिन के साथ शारीरिक विकास की समस्याएं थीं. उसके साथ भाषाई समस्याएं भी थीं. उसे जांच के बाद यूएस पुलिस ने मृत करार दे दिया था. वह बीते 7 अक्टूबर से गायब थी.

मासूम का शव सोमवार को उपनगर डलास के पास झाड़ियों में मिला था. भारत के एर्णाकुलम के मूलनिवासी उसके दत्तक पिता वेस्ले ने उसकी हत्या की बात स्वीकार की थी. वेस्ले आईटी कंपनी में काम करता था. उसे बच्ची को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उसे आजीवन कारावास की भी सजा मिल सकती है.

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