पर्व त्योहार हुए अब विदा, पटनिया का दिल हो रहा नॉनवेज पर फिदा

पटना: खाने-पीने का शौक किसे नहीं होता है. कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जिन्हें खाना बेहद पसंद होता है. वो अपनी पसंदीदा खाने के लिए कहीं भी चले जाते हैं. लेकिन कई बार मजबूरी होती है. जैसे सावन में, दशहरा में और फिर छठ के दौरान.

ऐसे वक्त में आपको कुछ संयम रखना होता है. ऐसे में अगर आपका फेवरेट नॉनवेज है तो आपको दिल पर पत्थर रखकर नॉनवेज से ब्रेकअप करना ही होता है.

आपकी पसंदीदा चीजें आपको खाने को न मिले इससे बुरा कुछ नहीं होता. पिछले कुछ दिन पट्नाइट्स के लिए ऐसे ही गुजरे. पर्व-त्योहार की वजह से क्या मटन अहुना और क्या बटर चिकन, सबको बस दूर से देखकर संतोष ही करना पड़ता था. क्योंकि हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार महत्वपूर्ण पर्व त्योहार के महीने में या उस दौरान मांसाहार का सेवन वर्जित होता है.

मटन का लुत्फ उठाते दिखे पटनाइट्स

आज शनिवार है. कई घरों में लोग शनिवार को नॉनवेज नहीं खाते हैं लेकिन आज शनिवार को को पटनावासियों के बेसब्री का बांध टूट गया. आज उन्होंने मौके को भनाया और जमकर लजीज व्यंजनों को चखने का लुत्फ उठाया. लोगों की भीड़ शहर के सभी मीट दुकानों पर दिख रही है.

पटना के नॉनवेज रेस्तरां की बात करें, तो आज शनिवार के दिन जब लोग नाॅन वेज नहीं खाते, फिर भी लोग चिकेन-मटन खरीदेने सुबह से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.

क्या कहते हैं मीट कारोबारी

पटना के मीट कारोबारी गोपाल जी कहते हैं कि पिछले 15 दिनों से दीपावली और छठ को लेकर शहर की लगभग सभी दुकानें बंद थीं. कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ. पर अब त्योहार खत्म हो गए हैं, तो उन्हें उम्मीद है कि कारोबार का ग्राफ फिर से अच्छा हो जाएगा.

दो हफ्तों से सन्नाटे में डूबे शहर के नाॅन वेज होटल-रेस्टोरेंट पर चिकेन-मटन के शौकीन लोग वापस लौटते दिखे. हालांकि कच्चे मीट के फुटकर बाजार की बात करें, तो वहां अभी भी बहुत चहल—पहल नहीं है लेकिन यह सन्नाटा बस एक—दो दिनों की ही बात है.

पिछले दो हफ्तों के दौरान नॉनवेज बाजार का कारोबार नीचे गिर गया था. मटन और चिकन दोनों की बिक्री जबर्दस्त ढंग से प्रभावित हो गई थी. मछली भी. क्योंकि बिहार में मछलियां आंध्रपदेश से ज्यादा आती हैं. छठ को लेकर व्यापारी माल मंगाने का रिस्क नहीं ले रहे थे. माल के खराब होने का जोखिम था.

शनिवार को इस कारोबार में रौनक वापस लौटती दिखी. पर्व-त्योहार के नियम अपनी जगह है. हमें उनका पालन भी करना चाहिए. पर नाॅन वेज के शौकीन लोगों का चिकन-मटन प्रेम को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ज्यादातर लोगों के लिए जीवन का असली मजा तो नाॅन वेज में ही है.

 

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