पहले छठ में घर पहुंचने की जद्दोजहद, अब लौटने में पैसेंजर्स को छूट रहे हैं पसीने…

पटना: लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने का साथ संपन्न हो गया है. बिहार-उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यह पर्व सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि आस्था और विश्वास के साथ इसकी गहरी बोंडिंग है. इस पर्व में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग दुनिया में चाहे कहीं भी रहें, छठ मनाने घर जरूर आना चाहते हैं और आते हैं.

यही एक पर्व है जब मां दूसरे राज्यों में कमाने गए बेटे को वापस लौट आने का भरोसा रखती है. यह त्योहार पारिवारिक मिलन के मौके उपलब्ध कराता है. इतना ही यह पर्व सौहार्द्र का त्योहार है और हिंदू-मुस्लिम एकता को भी दर्शाता है. क्योंकि इस त्योहार में इस्तेमाल होने वाली समाग्रियों का निर्माण मुस्लिम भाई भी करते हैं.

भले ही लोग अन्य किसी त्योहार में घर न आएं पर छठ में लोग देश के बड़े महानगरों से अपने घर जरूर आते हैं. इतनी भीड़ होती है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती. लेकिन भारतीय रेल में अब थोड़ा बदलाव हुआ है. इस बार भी छठ को लेकर कई स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं. लेकिन छठ मनाने आने वाले लोगों की भीड़ के सामने सारी व्यवस्था बौनी नजर आई.

शौचालय में सफर करने को मजबूर है यात्री …
पहले छठ पर घर आने की मारामारी और यह चिंता की लौटें कैसे? हर संभव जुगाड़ लगाया जा रहा है. ‘वीआई पी कोटा’ से लेकर ‘दलाल कोटा’ यानी ब्लैक में ज्यादा दामों पर टिकट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तक की कोशिश जारी है. लौटने में पैसेंजर्स को क्या परेशानी झेलनी पड़ रही है, देखनी हो तो पटना जंक्शन पर आपका स्वागत है.

छठ महापर्व के समापन के बाद भीड़ खत्म नहीं हो पाई है. घर आए लोग बिहार से वापस अपनी नौकरी पर लौटने लगे हैं. वही ट्रेनों की सीट पर 4 लोगों की जगह 8 लोग बैठ कर सफर कर रहे हैं. हालात ऐसे है कि लोगों को रिजर्वेशन कराने के बाद भी सीट नहीं मिल रही है. जनरल डब्बे की स्थिति बदतर है.

लोग ट्रेन के शौचालय में सफर करने को मजबूर हैं. हलांकि रेलवे द्वारा कई पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं. पर वापस जा रहे लोगों कि संख्या के सामने सारे इंतजाम विफल नजर आ रहे हैं. छठ के दो दिन बाद रविवार को भीड़ और बढ़ गई है. लंबी दूरी वाली ट्रेनों में भीड़ ज्यादा है. क्योंकि पूजा संपन्न होने के बाद बैंगलोर, दिल्ली, मुंबई, सहित अन्य शहरों में नौकरी करने वाले लोग लौटने लगे हैं. छठ मनाने जैसे-तैसे तो घर पहुंच गए, लेकिन वापस लौटने में भीड़ की वजह से उनके पसीने छूट रहे हैं.


यात्रियों को हो रही है परेशानी…
पटना के रहने वाले राम नरेश यादव कहते है कि हम वापस दिल्ली जाने के लिए नियत समय पर स्टेशन पहुंचे हैं. लेकिन ट्रेन के लेट होने की वजह से पूरे परिवार सहित कई घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं. सभी यात्रियों को बहुत समस्या हो रही है. एक तो रिजर्वेशन नहीं मिल रहा था. कई ज्यादा कीमत चुकाने के बाद सीट मिली पर ट्रेन के लेट होने की वजह से भी मुसीबत और बढ़ गई है. रेलवे को ​छठ पर बिहार आने और यहां से जाने वाले यात्रियों की परेशानी को देखते हुए इस पर एक प्रॉपर प्लान के साथ व्यवस्था करनी चाहिए थी, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो और खुशिहाली से पर्व मना कर वापस लौट सकें.

क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी…
पटना जंक्शन पर कार्यरत रेलवे के अधिकारी ने बताया कि छठ पूजा के बाद यहां से बाहर जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में काफी भीड़ बढ़ गई है. भारतीय रेल हर बार की तरह इस त्योहार में यात्रियों की भीड़ व डिमांड को देखते हुए दर्जनों स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं. रेलवे ने भीड़ को नियंत्रित करने व सुरक्षा को लेकर सुरक्षा बल की तैनाती की गयी है. बावजूद इसके यात्रियों की काफी अधिक भीड़ के चलते ट्रेन पूरी तरह से हाउसफुल चल रही है. पर यह कुछ ही दिनों की बात है. ट्रेनों में भीड़ का यह सिलसिला अभी फिलहाल कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है. पर जल्ह ही हालात समान्य हो जाएंगे.

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