उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ छठ महापर्व, पूरे देश में रही धूम

लाइव सिटीज डेस्कः लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया. छठ पर्व के चौथे और अंतिम दिन व्रती और श्रद्धालु अपने परिजनों के साथ शुक्रवार की सुबह विभिन्न नदी घाटों और तालाबों के किनारे पहुंचे. उन्होंने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य दिया.

मुंबई के छठ की तस्वीर
मुंबई के छठ की तस्वीर

नहाय-खाय के साथ 24 अक्तूबर से शुरू हुए लोक आस्था के इस पर्व के दूसरे दिन व्रतियों के सूर्यास्त होने पर खरना के तहत रोटी एवं खीर का भोग लगाये जाने के बाद उनके द्वारा रखा गया 36 घंटे का निर्जला उपवास गुरुवार की शाम डूबते हुए सूर्य एवं शुक्रवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण (भोजन) के साथ संपन्न हो गया.

दिल्ली में छठ की तस्वीर
दिल्ली में छठ की तस्वीर

आखिरी दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने का विधान है. इसी के साथ व्रती घाट पर ही पूजा के बाद प्रसाद खाकर अपना व्रत खोलते हैं. 24 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ शुरू हुआ ये पर्व सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही समाप्त हुआ.

सुबह घुटने तक पानी में खड़े होकर व्रतधारियों ने सूप, बांस की डलिया में मौसमी फल, गन्ना सहित पूजन सामाग्री औऱ गाय के दूध से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृ्दधि की कामना की.

पटना में छठ की तस्वीर
पटना में छठ की तस्वीर

छठ पर्व को लेकर चार दिनों तक पूरा बिहार भक्तिमय रहा. मोहल्लों से लेकर गंगा तटों तक यानी पूरे इलाके में छठ पूजा के पारंपरिक गीत गूंजते रहे. राजधानी पटना की सभी सड़कों को दुल्हन की तरह सजाया गया. राजधानी की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक की सफाई की गई. आम से लेकर खास, हर वर्ग के लोग सड़कों की सफाई में व्यस्त रहे. हर किसी ने छठ पर्व में हाथ बंटाया.

छठ पर्व को लेकर जिला प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा राज्य में नदी और तालाबों पर बने घाटों की साफ-सफाई के साथ सड़कों को भव्य रूप से सजाया गया था. पटना में कई पूजा समितियों द्वारा भगवान भास्कर की मूर्ति स्थापित की गई. पूरा माहौल छठमय रहा. कई स्थानों पर तोरण द्वार लगाए गए तो कई पूजा समितियों ने प्रकाश की व्यवस्था की.

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