Good News : सेकेंड हैंड सामान बेचने पर नहीं लगेगा GST, लेकिन…

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लाइव सिटीज डेस्क : सेकेंड हैंड सामान खरीदने या बेचने पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नहीं चुकाना होगा, बशर्ते उसे खरीदी गई कीमत से कम कीमत पर बेचा गया हो. सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी. एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर GST लागू हो गया है. इसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर सामान परचेस प्राइस के मुकाबले कम कीमत में बेचा या खरीदा जाएगा तो उसपर जीएसटी नहीं लगेगा.

वित्त मंत्रालय ने बताया है कि सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज (सीजीएसटी) नियम 2017 के मुताबिक पुराना सामान या वस्तु की प्रकृति में बदलाव नहीं करने वाले कुछ प्रसंस्करण जिनके लिए इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईसीटी) नहीं दिया जाएगा. इनके केवल सामान के परचेस प्राइस और सेलिंग प्राइस के बीच के अंतर पर जीएसटी लगाया जाएगा. अगर सेलिंग प्राइज परचेज प्राइस से कम है तो इस स्थिति में इसे नजर अंदाज किया जा सकता है.

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जहां इस तरह की आपूर्ति का मूल्य नकारात्मक है, वहां उसे नजरअंदाज कर दिया जाएगा. इसे मार्जिन योजना के रूप में जाना जाता है. वित्त मंत्रालय द्वारा यह स्पष्टीकरण जीएसटी के अंतर्गत मार्जिन योजना को लेकर पैदा हुई आशंकाओं के संदर्भ में जारी किया गया है.

जीएसटी एक्सपर्ट प्रीतम महुरे ने बताया कि अगर कोई पुराना सामान घाटे में बेचा जा रहा है तो उस पर जीएसटी नहीं लगेगा. मार्जिन स्कीम का लाभ सेकंड-हैंड सामान का कोई भी पंजीकृत डीलर ले सकता है. उसे केंद्रीय जीएसटी कानून के नियम 32(5) का पालन करना होगा. दो राज्यों के बीच भी सेकंड-हैंड सामान की खरीद-फरोख्त के लिए इस स्कीम का लाभ लिया जा सकेगा. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, ऐसा करने से डबल टैक्सेशन से बचा जा सकेगा.

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