नीतीश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ दर्ज याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक बार फिर सुनवाई हुई. यह याचिका उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने को लेकर दर्ज करायी गयी थी. पिछली बार इसकी सुनवाई 11 सितंबर को हुई थी.

सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. इसके लिए कोर्ट ने चुनाव आयोग को चार हफ्ते का समय दिया गया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में वकील एमएल शर्मा ने याचिका दायर कर नीतीश कुमार की एमएलसी सदस्यता रद्द कराने की मांग की है. इसी को लेकर सुनवाई लगातार चल रही है.

वकील एमएल शर्मा ने नीतीश कुमार पर हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है. इसी साल अगस्त में यह याचिका दायर की गयी थी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि चुनाव के समय हलफनामे में जानकारी छिपाने की वजह से एमएलसी की उनकी सदस्यता रद्द की जाये.

याचिका में वकील ने यह भी कहा है कि नीतीश कुमार के खिलाफ क्रिमिनल केस पेंडिंग है. लिहाजा, वो किसी संवैधानिक पद पर नहीं रह सकते हैं. बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार फिलहाल बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं. वहीं याचिका में उन पर यह भी आरोप है कि 1991 में बाढ़ लोकसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के एक नेता सीताराम सिंह की हत्या हुई थी. उसमें चार लोग घायल हुए थे और नीतीश कुमार इस केस में आरोपी हैं.

एमएल शर्मा ने यह याचिका पर्सनल कैपेसिटी के आधार पर दायर की है. अर्जी में उन्होंने कहा है कि सीबीआई को इस मामले मे एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाएं. याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग ने नीतीश कुमार के खिलाफ केस की जानकारी होते हुए भी उनकी सदस्यता खारिज नहीं की. वे अब भी संवैधानिक पद पर काबिज हैं. इसी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने फिर से चुनाव से चार हफ्ते में जवाब मांगा है.

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