पुत्रों की लंबी आयु के लिए माताएं रखती हैं जिउतिया व्रत

पटना : हिन्दू धर्म में कई व्रत एवं पूजा है जो महिलाएं रखती है. इसी में एक है जिउतिया का व्रत. पुत्रों की लंबी आयु और उज्जवल भविष्य के लिए मां जिउतिया के व्रत रखती है. इस बार जिउतिया का शुभ मुहूर्त 13 सितंबर बुधवार को रोहणी नक्षत्र 9.36 बजे तक रहेगा. इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा. इसी नक्षत्र में पूजा करना श्रेष्ठकारी होगा.

आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को सिद्धि योग में माताएं संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान सूर्य की आराधना भी करेंगी.

नहाय-खाय के साथ शुरु होगा व्रत – 13 सितंबर को जितिया पर्व को लेकर माताएं 12 सितंबर दिन मंगलवार को गंगा स्नान कर मंदिर में पूजा अर्चना करेंगी उसके बाद भोजन ग्रहण करेंगी. भोजन में मडुआ की रोटी, नोनी का साग, कंदा, झिंगी आदि का सेवन करेंगी. आचार्य वैदिक ने कहा कि मंगलवार 12 सितंबर की रात1.39 बजे से अष्टमी शुरू है जो बुधवार 13 सितंबर की रात 11.13 बजे तक है.

पितृपक्ष में जिउतिया व्रत होने से महिलाएं आश्विन कृष्ण सप्तमी मंगलवार को स्नान करके पितरों की पूजा से महाव्रत की शुरूआत करेंगी. नहाय-खाय के अगले दिन निर्जला रहकर व्रत कर भगवान जीमूतवाहन की पूजा अर्चना करेंगी. कथा सुनने के बाद माताएं अगले दिन शुक्रवार को पारण करेंगी.

भगवान जीमूतवाहन की होती है पूजा – आश्रि्वन माह के कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को भगवान जीमूतवाहन की पूजा कर अपने बच्चों के लिए आशीर्वाद मांगती है. भगवान जीमूतवाहन की पूजा प्रदोष काल में करती है. चील एवं सियारिन की प्रतिमा बालू या गाय की गोबर से बनाया जाता है एवं प्रतिमा पर सिंदूर लगाकर पूजा की जाती है.

माताएं अपने पुत्र की लंबी आयु, परिवार की भलाई के लिए यह व्रत करती हैं. मान्यताओं के अनुसार एक बार देवी पार्वती एक स्त्री को विलाप करते देखकर व्यथित होकर भगवान शंकर के पास पहुंची. देवी पार्वती ने स्त्री के व्यथित होने का कारण पूछा तो भगवान शंकर ने बताया कि स्त्री का पुत्र कम आयु में मृत्यु को प्राप्त हो गया, जिस कारण स्त्री विलाप कर रही हैं. देवी पार्वती ने भगवान शंकर से इसके निदान के बारे में पूछा तो शंकर ने पुत्रों की लंबी आयु के लिए मां जितिया का व्रत करें जिससे पुत्र को लंबी आयु प्राप्त होगा. तभी से यह व्रत प्रतिवर्ष महिलाएं करती आ रही हैं.

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