गंगा में मुस्तैद हैं NDRF के 600 जवान, 70 इन्फ्लैटेबल और 20 कंट्रीमेड बोट से निगरानी

पटनाः चार दिनों के छठ महापर्व का आज तीसरा दिन है. गुरुवार की शाम को ढ़लते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. गंगा घाटों पर अर्घ्य देने के लिए छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की भाड़ी उमड़ेगी. इस दौरान गंगा नदी मे किसी प्रकार का हादसा न हो. इसके लिए हर लेवल पर खास एतिहात बरती जा रही है. जिला प्रशासन ने तो अपनी पूरी तैयारी कर रखी है. दूसरी ओर एनडीआरएफ ने भी हाई लेवल की तैयारी की है.

इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन ने पूरे पटना में कमान संभाल रखी है. दानापुर के पिपा पुल से लेकर पटना सिटी के भट्टा घाट तक 600 से अधिक जवानों को लगाया गया है. नहाए खाए के दिन से ही ये जवान लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. 70 इन्फ्लैटेबल वोट से एनडीआरएफ के जवान लगातार गंगा में पेट्रोलिंग कर रहे हैं. जबकि खतरनाक और अधिक भीड़-भाड़ वाले 20 गंगा घाटों पर लगातार अपनी कड़ी नजर रख रहे हैं.

इन 20 प्वाइंट के लिए पटना जिला प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ की टीम को 20 कंट्रीमेड बोट यानी की लकड़ी वाली नाव उपलब्ध कराई गई हैं. एनडीआरएफ की ये पूरी व्यवस्था तक तब रहेगी, जब तक छठ पूजा के खत्म होने यानी की शुक्रवार की सुबह के अर्घ्य के बाद छठ करने वाली महिलाएं और श्रद्धालुओं की भीड़ अपने घर वापस लौट नहीं जाती.

कमांडेंट विजय सिन्हा ने साफ किया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ उनकी टीम बेहतर तालमेल के साथ अपनी काम को अंजाम दे रही है. हर घाट पर कड़ी नजर रखी जा रही है. एनडीआरएफ की मेडिकल टीम भी पूरी तरह से अलर्ट है और कई जगहों पर कैंप लगाया गया है. मेगा फोन के जरिए बैरिकेडिंग के अंदर नहाने के लिए ही चेतावनी दी जा रही है.

टीम में ट्रेंड गोताखोर तो हैं और साथ वाटर एम्बुलेंस भी शामिल हैं. गांधी घाट पर आॅपरेशनल हेडक्वार्टर बनाया गया है. इमरजेंसी के हालात में लोग 8544415049, 8544415050 और 9525752125 नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं. ऐसे पूरे बिहार में एनडीआरएफ के 800 जवान बचाव कार्य के लिए लगाए गए हैं.

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