मोदी जी ! आपके क्षेत्र बनारस में पब्लिक टॉयलेट ऐसा होता है क्या ?

लाइव सिटीज डेस्कः प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में स्वच्छता मिशन चला रहे हैं. बढ़िया अभियान है. देश क्लीन रहे, इससे अच्छी बात क्या. अब तो आने वाले सभी नोट पर स्वच्छता मिशन की तस्वीर भी छप रही है. लेकिन खुद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस का हाल क्या है, यह आज शुक्रवार 20 अक्टूबर को बताया है देश के बड़े पत्रकार ओम थानवी ने.

ओम थानवी हिन्दी समाचार पत्र ‘जनसत्ता’ के लंबे अरसे तक संपादक रहे हैं. अब स्वतंत्र लेखन करते हैं. आज वे जयपुर से दिल्ली होते डाला (सोनभद्र) जा रहे थे. रास्ते में दो घंटे बनारस ठहर लिेए थे. इसके बाद उन्होंने अपने फेसबुक पर लंबा पोस्ट लिखा है और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र का हाल बताया है. आगे आप ओम थानवी के शब्दों में ही शहर बनारस का पूरा हाल जानिए-

ओम थानवी, वरिष्ठ पत्रकार
ओम थानवी, वरिष्ठ पत्रकार

‘जयपुर से दिल्ली होते डाला (सोनभद्र) पहुंचते-न-पहुंचते रास्ते में बनारस रुक गए. दो घंटे भटका किए. जलेबी-कचौरी (यहाँ कचौड़ी) के लिए. भटके यों कि राम भंडार दुकनिया बंद थी. यों ज़्यादातर बाज़ार ही बंद था पड़वा के चलते. इस वजह से बनारस की गलियां लगभग ख़ाली थीं. अनेक हवेलियों-झरोखों को ग़ौर से देखा, जिनकी ओर पहले भारी भीड़ों के कारण ध्यान ही न जा सका था.

तस्वीर ओम थानवी के फेसबुक वॉल से
तस्वीर ओम थानवी के फेसबुक वॉल से

एक चीज़ पर ख़ास ग़ौर किया. इतने पर्यटक और तीर्थयात्री देश-विदेश से यहां आते हैं, पर सार्वजनिक शौचालय यहां भी सहज सुलभ नहीं. अब तो स्वच्छता अभियान का डंका है. यह चुनाव क्षेत्र प्रधानमंत्री का अपना है. फिर भी इतनी बेरुख़ी? मैंने निकट के शौचालय का ठिकाना पूछा, तो एक भले आदमी ने साथ ले जाकर एक सड़ान्ध मारती पतली गली बता दी. इस जगह का प्रयोग सरेबाज़ार सचमुच मोर्चे के लिए होता है. दीवार में बाक़ायदा एक नल भी लगा है. पर यह तो बात भटक गई.

वह स्थान, जहां ओम थानवी को हल्के हो जाने के लिए बताया गया
वह स्थान, जहां ओम थानवी को हल्के हो जाने के लिए बताया गया

स्वच्छता अभियान के साथ अब जलेबी की क्या बात हो. अभी छोड़िए. पर इतना ज़रूर कहूँगा, कि बनारस के हलवाई कभी बीकानेर के छोटू मोटू जोशी की जलेबी ज़रूर चखकर आएं. जलेबी को उसी तरह पतला, कुरमुरा और गहरा सुनहरा तला हुआ होना चाहिए. मोटी जलेबी जलेबी क्या हुई, चाशनी का लौंदा हुई.’

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*