विशेश्वर ओझा हत्याकांड : बिहार सरकार पर हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना, फटकारा भी

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पटना हाईकोर्ट ने राजबल्लभ यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रखा था.

लाइव सिटीज डेस्क : पटना हाईकोर्ट ने सरकार को झटका दिया है. कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए विशेश्वर ओझा हत्याकांड में सरकार पर 10 हजार रुपये का फाइन किया है. साथ ही बिहार सरकार को एफिडेविट जमा नहीं करने को लेकर न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार ने कड़ी फटकार भी लगायी है. उधर दिवंगत भाजपा नेता विशेश्वर ओझा का भाई भुवर ओझा का कहना है कि उसे कोर्ट पर पूरा भरोसा है. वहां से उसे इंसाफ मिलने की उम्मीद है. इस मामले में पुलिस ठीक से अनुसंधान नहीं कर रही है. बता दें कि भाजपा नेता विशेश्वर ओझा को अपराधियों ने गोली मार हत्या कर दी थी.

गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी में भाजपा नेता विशेश्‍वर ओझा की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी. वे उस समय बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्‍यक्ष भी थे. इतना ही नहीं, वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में शाहपुर सीट से उन्होंने चुनाव भी लड़ा था. उन्हें भोजपुर के सोनवर्षा बाजार में गोली मारी गयी थी. गोली लगने के बाद उन्‍हें पीएमसीएच लाया गया था. लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी थी.

मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार इसी हत्याकांड को लेकर मंगलवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए 10 हाजर रुपये का फाइन किया है. विशेश्वर ओझा के छोटे भाई भुवर ओझा की मानें तो राज्य सरकार ने इस हत्याकांड में मांगने के बाद भी कोर्ट में एफिडेविट नहीं जमा किया है. उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि कई बिंदुओं पर पुलिस की ओर से निष्पक्ष अनुसंधान नहीं किये जाने के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की गयी थी.

उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने 3 अक्तूबर 2017 को राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा था, लेकिन सात सप्ताह बीत जाने के बाद भी सरकार ने अब तक एफिडेविट फाइल नहीं की है. सोमवार को उनके वकील ने कोर्ट में आपराधिक याचिका को मेंशन करने का रिक्वेस्ट किया था. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने राज्य सरकार पर जुर्माना लगाते हुए तीन सप्ताह में जवाब मांगा है, नहीं देने पर 50 हजार जुर्माना लगाने की बात कोर्ट ने कही है.

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