मिसाल : यहां दुकानदार अपने दर्जनों स्टॉफ को देता है ईनाम

लाइव सिटीज डेस्क (राजू गुप्ता) : अक्सर देखा जाता है कि दुकानदार को अपने दुकानदारी से सिर्फ मतलब होती है. दूकान में स्टॉफ काम करते हैं उसके एवज में उसे तनख्वाह दे दिया जाता है. यही तक का नाता-रिश्ता दोनों के बीच अक्सर देखा जाता है. परन्तु रोसड़ा शहर के लखोटिया वस्त्रालय के प्रोप्राइटर कृष्ण कुमार लखोटिया इस परंपरा से  कोसो दूर दिखाई पड़ते है. ये अपने स्टॉफ को घर का सदस्य मानते है.

प्रत्येक साल अपने स्टॉफ को सम्मानित व पुरुस्कृत करते हैं. आज भी इन्होने  दूकान परिसर में समारोहपूर्वक अपने स्टॉफ को सपत्नीक सम्मानित किया. उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्टॉफ को मोमेंटो के साथ-साथ 25 सौ रूपये का चेक प्रदान किया गया एवं उनकी पत्नी को सलवार-सूट प्रदान किया गया.

सम्मानित किये जाने से प्रफुल्लित स्टॉफ महेश कुमार सहनी ने कहा कि सपत्नीक सम्मान किये जाने से हमारे हौसला में और इजाफा हुआ है. प्रतिष्ठान को और बुलंदी पर पहुंचाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करेंगे. स्टॉफ शम्भू मंडल ने कहा कि शहर का यह इकलौता प्रतिष्ठान है जो अपने स्टॉफ को परिवार का सदस्य मानते है. साथ ही यहां ग्राहकों के मान-मर्यादा का भी विशेष ध्यान रखा जाता है.

प्रोपराइटर कृष्ण कुमार लखोटिया का कहना है कि जो व्यक्ति दिन-रात मेहनत कर मेरे प्रतिष्ठान को बुलन्दी पर पहुंचाते हैं. इंसानियत के नाते उनका सम्मान करना मेरा फर्ज बनता है. दुकानदार एवं स्टॉफ में भाईचारे के रिश्ते बनने से माहौल भी खुशनुमा बना रहता है. हर बढ़िया काम का सम्मान होना चाहिए.

बता दे कि श्री लखोटिया शहर के नामी-गिरामी एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी में शुमार होते है. व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी अक्सर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते है. जिनके चलते ये समाज के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. लोगों को इनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है.

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