बिहार में शिक्षकों के लिए ज़रूरी ख़बर, अब शिक्षा विभाग है तैयार

लाइव सिटीज डेस्कः अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए राज्य भर में 2578 अध्ययन केंद्र बनेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से 30 अक्टूबर तक अध्ययन केंद्र चिह्नित कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है. एनआईओएस के माध्यम से 2.85 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड कोर्स कराया जाना है. प्रत्येक 100 शिक्षकों पर एक अध्ययन केंद्र खोला जाना है.

पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक 12440 शिक्षकों ने प्रशिक्षण के लिए निबंधन कराया है. यहां 126 अध्ययन केंद्र खोलना है. शिवहर में सबसे कम 1471 शिक्षकों के लिए 16 अध्ययन केंद्र होंगे. विभाग कोर्स के लिए नामांकित अप्रशिक्षित शिक्षकों के सत्यापन कर भी रिपोर्ट मांगा है. एनसीटीई के नियमानुसार एससीईआरटी, इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी इन एजुकेशन, कॉलेज ऑफ टीटर एजुकेशन, डायट, बीआरसी (प्रखंड संसाधन केंद्र), सीआरसी (संकुल संसाधन केंद्र) एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय को अध्ययन केंद्र के रूप में चयन किया जाना है.

बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिये निजी स्कूलों के करीब 10 लाख शिक्षकों समेत लगभग 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों ने नामांकन कराया है. ताकि साल 2019 की मियाद के भीतर प्रशिक्षण प्राप्त करके वे अपनी नौकरी बचा सकें. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनओआईएस) ने सेवारत अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिये एक बार के लिये प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा कोर्स (डीईआईईडी) तैयार किया है. अप्रशिक्षित शिक्षकों को 2019 तक प्रशिक्षण प्राप्त करना है.

एनओआईएस ने पेशवर दक्षता को बढाने के लिये शिक्षकों के वास्ते कोर्स तैयार किया है. हमारा उद्देश्य है कि सभी शिक्षक 2019 तक प्रशिक्षण प्राप्त कर लें. उन्होंने कहा कि यह कोर्स स्वयं आनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से आगे बढ़ाया जायेगा . इसके साथ ही डिश टीवी के जरिये ज्ञान का प्रसार किया जायेगा. अब तक इस कोर्स के लिये 14.97 लाख आवेदन आए हैं जिसमें से 12.29 लाख आवेदकों ने शुल्क का भुगतान कर दिया है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*