महादलित घोटाले में IAS एसएम राजू और रवि मनुभाई पर विजिलेंस केस

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में सृजन के बाद अब महादलितों की मोटी रकम की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है. महादलितों के 4 करोड़ रुपये के गोलमाल करने को लेकर निगरानी विभाग ने मामला दर्ज किया है. खास बात यह है कि इसमें दो आईएएस अफसर के भी नाम सामने आये हैं. आरोपियों में दो रिटायर्ड आईएएस अफसर भी शामिल हैं. कुल 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

बताया जाता है कि बिहार में महादलित विकास निगम के पैसे की हेराफेरी हुई है. फिलहाल 4 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात कही जा रही है. लेकिन जांच में रकम बढ़ने की आशंका है. प्राथमिकी दर्ज होते ही निगरानी विभाग एक्टिव हो गया है. बताया जाता है कि सारे साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ हैं, इसलिए उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है.

गौरतलब है कि महादलितों के उत्थान के लिए वर्ष 2007 में सूबे में महादलित विकास निगम का गठन किया गया था. इसका मूल उद्देश्य महादलितों का विकास करना था. लेकिन निगम का काम विधिवत रूप से वर्ष 2010 में शुरू हुआ. यह निगम अभी भी काम कर रहा है. बताया जाता है कि ये घोटाले वर्ष 2010 से 2016 के बीच हुई जांच में सामने आया है. इसे लेकर निगरानी विभाग ने सोमवार को मामला दर्ज किया है.

जानकारी के अनुसार 10 आरोपियों में आईएएस एसएम राजू और रवि मनुभाई के अलावा रिटायर्ड आईएएस केपी रमैया और रामाशीष पासवान शामिल हैं. बताया जाता है कि रमैया अभी बीएलटी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. अन्य आरोपियों में प्रमुख रूप से प्रभात कुमार, देव जानी, उमेश कुमार मांझी, शरद कुमार झा, सौरभ बसु, जयदीप कौर आदि शामिल हैं.

गौरतलब है कि महादलितों के विकास के लिए राशि खर्च की जानी थी, लेकिन प्रशिक्षणार्थियों का गलत डेटा दिखा कर राशि की हेराफेरी कर ली गयी. महादलित विकास निगम में विभिन्न योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये इधर से उधर कर दिये गये. मामला उजागर होते ही महादलित विकास निगम ने मुख्य सचिव को कार्रवाई के पत्र लिखा. इसके बाद इसकी जांच निगरानी विभाग को सौंपी गयी. जांच के बाद निगरानी डीएसपी अरुण कुमार ने निगरानी कांड नंबर 81/17 दर्ज कराया. यह मामला 406, 409, 420, 467, 468, 471 (ए) व 120 बी की धारा के तहत दर्ज किया गया है.

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