अब एनआरआई बैंक खातों पर है IT की नजर

लाइव सिटीज डेस्क: पिछले कई दशकों से तमाम भारतीय खुद के एनआरआई होने की आड़ लेकर टैक्स की चोरी करते चले आ रहे हैं. दरअसल नियम है कि साल में यदि कोई व्यक्ति 182 दिन देश से बाहर बिताता है तो उसे एनआरआई का दर्जा मिल जाता है. एनआरआई या अप्रवासी भारतीय नागरिक का दर्जा मिलने के बाद नागरिक विदेशी खातों में दर्ज रकम पर अपना हक जता सकता है, क्योंकि उसने वह उस देश में रहकर कानूनी तौर पर कमाई है. लेकिन अब यह इतना आसान नहीं रह जाएगा.

इस समस्या से निपटने के लिए आयकर विभाग ने आयकर फॉर्म—2 में कुछ नये प्रावधान जोड़ दिए हैं. नए फॉर्म में एनआरआई को अपने विदेशी खातों की जानकारी भी देनी होगी. अधिकतर एनआरआई जो लम्बे समय से देश से बाहर हैं, उन्हें भी शेयर, प्रॉपर्टी और बैंक जमा और बॉण्ड से हुई आय पर आयकर भरना होगा. इस साल की शुरूआत में सभी एनआरआई को आयकर कार्यालय में अपने विदेशी बैंक खातों की संख्या, खाता नंबर, बैंक और देश की जानकारी देने के लिए कहा गया था. एनआरआई से स्विफ्ट कोड भी लिए गए थे. स्विफ्ट कोड की मदद से सरकार देश के बाहर से भेजे गए हर लेनदेन की निगरानी कर सकती है.


लेकिन इस नियम में अभी भी झोल है. वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट दिलीप लखानी कहते हैं कि,’ इस नियम में अभी भी बहुत सी चीजें स्पष्ट नहीं हैं. उदाहरण के लिए, तमाम विदेशी या अप्रवासी जो भारत में काम करते हैं अपने बैंक खाते और तमाम वित्तीय जानकारियों को अपने मूल देश से साझा नहीं करना चाहते हैं. आयकर फॉर्म में परिवर्तन बिना किसी पूर्व सूचना के ​किया गया है. इसके अलावा आयकर विभाग क्यों बैंक खातों की जानकारी चाहता है? जबकि उसमें कोई टैक्स नहीं बन रहा है. फिलहाल अभी तक सिर्फ देश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए ही आयकर ​रिटर्न फॉर्म भरते वक्त अपने विदेशी खातों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है.

जबकि अप्रवासी करदाता भी अपने विदेशी बैंक खातों का टैक्स रिटर्न आॅनलाइन जमा कर सकते हैं. उन्हें डर इस बात का भी है कि अगर उन्होंने अपने विदेशी बैंक खातों की जानकारी नहीं दी तो भारत सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. क्योंकि अधिकतर टैक्स हैवेन कहे जाने वाले देशों ने भारत सरकार के साथ बैंक खातों की जानकारियां साझा करने पर सहमति जताई है. इस स्थिति में किसी भी किस्म की जानकारी को छिपाना आयकर और ईडी को खाताधारक के पीछे लगा देगा.

जिससे निकल पाना वाकई बेहद मुश्किल होगा.

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