लालू प्रसाद को खुली बहस की चुनौती दी JDU प्रवक्ता ने, कहा – वक्त और जगह खुद तय कर लें

पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता-सह-विधान पार्षद संजय सिंह ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को खुली बहस की चुनौती दी है. उन्होंने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता होने की हैसियत से ऐसी चुनौती दी है. लेकिन संजय सिंह ने साथ ही लालू प्रसाद से सवाल भी किया है कि वो अपनी 15000 करोड़ की संपत्ति का ब्यौरा कब देंगे.

सिंह ने कहा कि पार्टी के मुख्य प्रवक्ता होने की हैसियत से मैं लालू प्रसाद को चुनौती देता हूं कि जिस पब्लिक डोमेन में बहस करना है, हम तैयार हैं. वक्त और जगह लालू यादव तय कर लें. जिन-जिन सवालो के जवाब चाहिए, गिन-गिन कर जवाब जनता के सामने हम देने को तैयार हैं. लेकिन लालू जी, आप की गैरत कब जगेगी? कब आप अपनी 15000 करोड़ की संपत्ति का ब्यौरा देंगे? कब आप अपने बेनामी संपत्ति का लेखा जोखा पेश करेंगे? क्यों राबड़ी देवी को ईडी का बुलावा आया है? क्यों तेजस्वी यादव पर सीबीआई ने एफआईआर किया है? क्यों आपकी सम्पति जब्त हो रही है?

SANJAY-SINGH-JDU
फाइल फोटो

उन्होंने कहा कि पब्लिक के सामने हम तो जवाब दे देंगे. लेकिन हमें लगता है कि लालू प्रसाद एक मिनट भी पब्लिक के सामने टिक नहीं पाएंगे.

सिंह ने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि महागठबंधन में तेजस्वी यादव को घुटन हो रही थी क्योंकि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार नहीं करने दे रहे थे. इसीको लेकर तेजस्वी यादव और उनका पूरा कुनबा नीतीश कुमार से नफरत करने लगा था. यदि यह सच नहीं होता तो तेजस्वी यादव ने खुद आगे आकर इस्तीफा क्यों नहीं किया था.

उन्होंने कहा कि बॉस, पब्लिक है सब कुछ जानती है. नीतीश कुमार कभी भी भ्रष्टाचार पर चुप नहीं रहे हैं. यही वजह है कि जैसे ही उन्हें पता चलता है, उस पर वो कार्रवाई करते हैं. जीतन राम मांझी, रामाधार सिंह सहित कई लोग इसके उदाहरण हैं. जिनको नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया था.

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार की ईमानदारी पर शक करना सूरज को दीप दिखाना है. बिहार की जनता ने उनकी ईमानदारी की वजह से ही बार-बार उन्हें सीएम बनाया है. नीतीश कुमार कही भी रहे, उनकी छवि को कभी नुकसान नहीं हुआ. शायद तेजस्वी यादव को याद नहीं है 2005 और 2010 में आरजेडी की हालत क्या हुई थी.

उन्होंने कहा कि भागलपुर बांध की घटना की जांच हो रही है. इसमें जो भी दोषी होंगे, पकड़े जाएंगे. उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. लेकिन तेजस्वी यादव ये बताएं कि यही बाढ़ का वक्त था, जब बच्चों के दूध को आरजेडी की सरकार ने घोटाला कर लिया था. बाढ़ राहत सामग्री का घोटाला हो गया था. कभी अपने गिरेबां में भी तेजस्वी यादव देखें, जहां बड़े-बड़े छेद नजर आएंगे.

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