इस ‘बॉडी बिल्डर’ IPS अफसर ने मुंबई में हुए 26/11 हमले में आतंकियों के छुड़ा दिए थे छक्के

लाइव सिटीज डेस्क : देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथ में होती है. यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है. जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उससे विश्वास उठता जा रहा है. लेकिन कुछ ऐसे भी अफसर हैं, जो अपनी साख बचाए हुए हैं. उनके कारनामे आज मिशाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं.

आज हम आपको एक जांबाज शहीद IPS अफसर अशोक कामटे की कहानी बताने जा रहे हैं. महाराष्ट्र पुलिस फोर्स देश के सबसे बड़े पुलिस बलों में से एक है, जो अपराध पर लगाम लगाने के साथ-साथ प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम बखूबी कर रही है.

आपराधिक मामले सुलझाने के अलावा महाराष्ट्र पुलिस के जवान दूसरे क्षेत्रों में भी नाम रोशन कर चुके हैं. ऐसे ही एक महाराष्ट्र कैडर के IPS अफसर अशोक कामटे थे जो मुंबई पुलिस में ‘बॉडीबिल्डर’ के नाम से जाने जाते थे.

26/11 हमले के दौरान आम लोगों समेत महाराष्ट्र पुलिस के कई जाबांज अफसर शहीद हो गए थे. इनमें से एक अफसर थे IPS अशोक कामटे. अशोक कामटे को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

आतंकियों से लोहा लेते हुए मुंबई के कामा अस्पताल के पास वे शहीद हो गए. कामटे की शहादत को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. अशोक कामटे मूलतः पुणें सांघवी क्षेत्र से थे. वे 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे. वह अपने बैच में स्कॉलर थे. कामटे अपने बैच के सबसे काबिल अधिकारियों में से एक थे.

उन्होंने बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों से बातचीत का विशेष प्रशिक्षण लिया था. यही वजह थी कि उन्हें मुंबई हमले के दौरान इमारतों में छिपे आतंकवादियों से बातचीत के लिए देर रात तलब किया गया.

मुंबई पुलिस में ‘बॉडीबिल्डर’ के नाम से मशहूर थे अशोक कामटे. उनको बॉडी बिल्डिंग का काफी शौक था. वह कॉलेज के दिनों में अखाड़े और जिम में जाया करते थे. अशोक कामटे ने कई बॉडी बिल्डिंग कॉम्पटिशन जीता था. वह पुलिस मेडल और यूएन मेडल भी जीते थे.

मुंबई हमले में शहीद होने के बाद आईपीएस अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने उनपर किताब लिखी थी. इस किताब का नाम ‘टू द लास्ट बुलेट’ है, जिसमें अशोक कामटे को जीवनी के बारे में बताया गया है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*