10th और 12th में फेल छात्र अब नहीं कहे जाएंगे प्राइवेट विद्यार्थी, CBSE ने बदले रुल

लाइव सिटीज डेस्क : 10वीं और 12वीं की परीक्षा में अनुतीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को अब उसी स्कूल और कक्षा में दोबारा दाखिला मिलेगा. अधीनस्थ विद्यालयों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने यह निर्देश जारी कर दिया है. फेल होने के बाद वे प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में परीक्षा देते थे.

नई व्यवस्था में वे नियमित विद्यार्थी के रूप में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे. उन्हें सामान्य विद्यार्थियों की तरह ही अंक-पत्र मिलेगा. सीबीएसई की यह कवायद विद्यार्थियों को तनाव और अवसाद से मुक्त कराने की है. अब तक की व्यवस्था के हिसाब से फेल होने वाले विद्यार्थियों को किसी स्कूल या संस्थान में नामांकन नहीं मिलता था. वे प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में परीक्षा देते थे. उनके अंक पत्र पर पूर्व में अनुतीर्ण होने का बजाप्ता जिक्र होता था. इससे उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड कुछ धूमिल हो जाता था. अक्सर वे विद्यार्थी अवसाद में चले जाते थे.

बहरहाल दोबारा नामांकन का निर्णय संबंधित स्कूल को लेना है. इसके लिए स्कूल स्वतंत्र होंगे और उन पर कोई बाध्यता नहीं होगी, लेकिन सीबीएसई के नए दिशा-निर्देश उन्हें नैतिक रूप से बाध्य करेंगे. नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र के पिता राजेश रंजन इसे बेहतर पहल बता रहे. उनका कहना है कि नियमित रूप में पढ़ाई जारी रखते हुए विद्यार्थी ज्यादा बेहतर नतीजे देंगे और वे तनाव से भी मुक्त रहेंगे.

सीबीएसई द्वारा अगले साल (2018) से दसवीं बोर्ड की परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है. बहुत संभव है कि परीक्षा मार्च में आयोजित हो, हालांकि इस बारे में अभी तक कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है. परीक्षा दो पालियों में लिए जाने पर विचार-विमर्श जारी है. पहली पाली में दसवीं और दूसरी पाली में 12वीं की परीक्षा. अगर ऐसा हुआ तो सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं मार्च में होंगी, अन्यथा वे फरवरी से भी शुरू हो सकती हैं.

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