होमगार्ड जवानों के परेड देख गदगद हुए विजय चौधरी, कहा- अपनी कर्तव्यनिष्ठा से बदली है छवि

पटना / बिहटा (मृत्युंजय सिंह) : गृहरक्षकों ने जिस प्रकार के परेड का प्रदर्शन किया है, उसे देखकर कहीं से नहीं लगता है कि ये होमगार्ड कैम्प और गृहरक्षक हैं, जो पूर्व में ढ़ीले-ढ़ाले कपड़े और बेतरतीब हथियार को पकड़ कर कई मौकों पर हंसी का पात्र बनते थे. सरकार के बेहतर प्रयास और गृहरक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा ने उनकी छवि को बदलकर रख दिया है. जिसे देखकर कहा जा सकता है कि हमारे ये जवान अब किसी सेना के जवान से कम नहीं हैं.

बुधवार को होमगार्ड कैंप बिहटा के आनंदपुर केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित बिहार होमगार्ड के 71वां स्थापना दिवस समारोह पर विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके मंत्रीत्व काल में होमगार्ड की लाचारगी को दुरुस्त करने के लिये कई प्रस्ताव आये थे. जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सहर्ष स्वीकार किया था. इस कार्यक्रम के अवसर पर उनका बेहतरीन प्रदर्शन इस बात को साबित भी कर रहा है. कुछ कमियां है लेकिन बिहार अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर कर रहा है. चौधरी ने कहा कि होमगार्ड के उत्थान के लिये मैं सरकार को जरूरत पड़ने पर हर आवश्यक सुझाव दूंगा, जिससे कि उस विभाग का और उत्तरोत्तर विकास हो सके.

इस कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. जवानों ने सर्वप्रथम विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी तथा होमगार्ड के महानिदेशक सह महासमादेष्टा पीएन राय को आकर्षक बैंड की धून पर मार्च पास्ट कर रैतिक परेड की सलामी दी. परेड की समाप्ति के बाद सभी जवानों ने बिहार सरकार के बाल-विवाह एवं दहेज उन्मूलन कानून को सफल बनाने के लिये संकल्प लिया. साथ ही एक स्वर से कहा कि न हम ऐसे शादी में न जाएंगे और न ही अपने आसपास ऐसी शादी होने देंगे. परेड का नेतृत्व गया जिला के समादेष्टा अखिलेश ठाकुर एवं द्वितीय कमांड दरभंगा के जिला समादेष्टा गौतम कुमार ने किया.

मौके पर डीजी पीएन राय ने अपने संबोधन में कहा कि गृहरक्षकों ने अपनी सेवा में कभी कोई कमी नहीं रहने दी है. यही वजह है कि इस संस्थान के 54 हजार जवानों में प्रतिदिन 30 हजार ड्यूटी में लगकर बिहार पुलिस को कंधे से कंधा मिलाकर अपनी सेवा देते है. सरकार ने पहले प्रस्तावित 40 दिन के प्रशिक्षण को बढ़ाकर अब 4 महीना कर दिया है. जिसका बड़ा फायदा इनके प्रशिक्षण और दक्षता पर पड़ा है. इस प्रशिक्षण में इन्हें आपदा के सारे गुण भी उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि राज्य में कोई आपदा आये तो उसका वो हंसते-हंसते मुकाबला कर सके. हमारे जवान भविष्य में बिहार के लिये माइल स्टोन का काम करेंगे. जहां सरकार को उनकी सेवा लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी.

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों में बीएमपी डीजी गुप्तेश्वर पांडेय, उप महासमादेष्टा विनोद कुमार, मुख्यालय समादेष्टा राजीव रंजन, शेखर कुमार, जेएन झा, जयंत कुमार, पवन कुमार, जिला समादेष्टा त्रिलोक नाथ झा, आमिद इसरार, मनोज नट, राणा अमरेन्द्र कुमार दीपक, अनुज कुमार, के. के. पांडा, गिरिजानंदन शर्मा, उमेश प्रसाद सिंह, वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार शुक्ला, कुमार हर्षवर्धन, डॉ. शांतनु सौरभ, डॉ. मुरली मनोहर शर्मा, एनडीआरएफ के डीसी अभिषेक कुमार राय, एसडीआरएफ के सहायक समादेष्टा एसएन यादव, मीडिया समन्वयक उमेश नारायण मिश्रा शामिल थे.

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद का ज्ञापन कैम्प के समादेष्टा विमल कुमार शाण्डिल्य ने किया. स्थापना दिवस के मौके पर गृह रक्षा वाहिनी के लिए नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का भी उद्घाटन किया गया. इसके बाद कार्यक्रम धूमधाम से सम्पन्न हो गया.

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