पटना में 6 जगह रेड, 10 करोड़ की नकली दवाएं मिली, 3 अरेस्ट

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पटना (जुलकर नैन) : राजधानी में नकली दवाओं के खिलाफ एक बार फिर से बड़ा अभियान चलाया गया है. इस क्रम में पटना पुलिस ने करोड़ों रूपये मूल्य की नकली और एक्सपायर दवाएं बरामद की हैं. इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. गिरफ्तार लोगों में गोविंद मित्रा रोड स्थित एक डिस्ट्रीब्यूटर भी शामिल है. पुलिस के अनुसार यह नकली दवाओं का कारोबार करने वाला एक गिरोह है जिसका सरगना अभी तक फरार बताया जा रहा है.

पटना पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को राजधानी के जक्कनपुर, बंगाली अखाड़ा, पत्रकारनगर, कंकड़बाग, संदलपुर और पटना सिटी के आलमगंज सहित कुल 6 जगहों पर एकसाथ छापेमारी की. इस बारे में पटना के एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि नकली दवा और एक्सपायरी डेट की दवा को नये लेबल लगाकर सप्लाई करनेवाले गिरोहों का पुलिस और दवा विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर भंडाफोड़ किया है और 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. उनके पास से काफी मात्रा में विभिन्न कंपनियों के नकली दवा मिली है जिसमें नया लेबल लगाकर सप्लाई की जाती थी.

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फाइल फोटो

मिली जानकारी के मुताबिक पकड़ी गई नकली दवा की बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ के आस-पास हैं. एक्सपायर्ड दवाओं की बोतल में केमिकल मिलाकर बेचा जाता था. इसका सरगना रमेश पाठक है जो कबाड़ी का धंधा करता है और कबाड़ी में लाई गईं एक्सपायर्ड दवाओं के बोतल में नकली दवाएं डालकर बेचता है.

कबाड़ी के नामपर खरीदी जाती थी एक्सपायर दवाएं

छापेमारी में शामिल सूत्रों के अनुसार एक संगठित गिरोह कबाड़ी के नामपर एक्सपायर दवाएं खरीदता था जिन्हें बाद में रैपर बदलकर नयी पैकिंग कर दूसरी कंपनी का लेबल लगाकर मार्केट में दुबारा बेच दिया जाता था. पुलिस के अनुसार रमेश पाठक नाम का शख्स इस गिरोह का सरगना है जो अभी फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस उसे भी ढूंढने के प्रयास कर रही है.

सिटी में भी मिली लाखों की नकली दवाएं

पटना सिटी में आलमगंज थाना क्षेत्र के बिस्कोमान कॉलोनी के प्यारे लाल बाग़ में भी स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने एक अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर में छापेमारी की है. बताया जाता है कि यहां एक्सपायर दवाओं का रैपेर निकाल कर उन्हें नये रैपर में पैक कर मार्केट में कम दामों में बेच जाता था. उक्त अपार्टमेंट गिरोह के सरगना रमेश पाठक का बताया जा रहा है. रेड कर रही टीम की जानकारी में यह बात भी आई है कि सिरप और अन्य लिक्विड दवाओं में नकली केमिकल भरकर भी उन्हें नए रैपर में पैक कर मार्केट में बेचा जाता था.

पहले भी बरामद हुयी हैं नकली दवाएं

पटना में नकली दवाओं पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार दवा विभाग और पटना पुलिस ने कई मौकों पर कार्रवाई कर लाखों की नकली दवाएं पकड़ी हैं और ऐसे कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है. इसके बावजूद नकली दवाओं की बिक्री पर लगाम नहीं लग पा रही है.

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