महज तीन घंटे में पटना पुलिस ने नौबतपुर हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ा

पटना (नियाज आलम) : एसएसपी मनु महाराज के क्विक एक्शन का असर पटना पुलिस में साफ नजर आ रहा है. नौबतपुर थाना क्षेत्र में हुई विनोद साव की हत्या के महज तीन घंटे के अन्दर ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आला-ए-कत्ल भी बरामद कर लिया है. आरोपियों की पहचान नोविन्दो सिंह व उसका भाई भृगु सिंह पुत्र मितिलेश सिंह, निवासी तरेत, थाना नौबतपुर के रूप में हुई है. उसके अलावा विनोद साव की हत्या के बाद पुलिस पर पथराव करने के आरोप में शैलेश मांझी पुत्र मन्दीप मांझी, निवासी गोविन्दपुर, थाना नौबतपुर को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया कट्टा और कारतूस का खोखा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है. दरअसल बीते गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि नौबतपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर, आजादनगर, तरेत के पास एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई. शव की शिनाख्त विनोद साव पुत्र शिबन साव, निवासी नौबतपुर के रूप में हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने संबंधित थाना को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया.

एसएसपी के निर्देश के बाद एक्शन में आई नौबतपुर पुलिस ने मृतक के परिवार से जानकारी लेने के बाद आरोपी नोविन्दु सिंह को दबोच लिया. नोविन्दो की निशानदेही पर उसका भाई भृगु सिंह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. एसएसपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल की है. पूछताछ में नोविन्दों ने बताया कि विनोद साव ने उससे 60 हज़ार रूपये कर्ज लिया था लेकिन देने में आनाकानी कर रहा था. बार-बार मांगने के बावजूद पैसा नहीं मिलने से नाराज नोविन्दो और उसके भाई ने विनोद साव की हत्या की योजना बना डाली. योजना के तहत आरोपियों ने विनोद साव को जुआ खेलने के लिए बुलाया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.

मरने वाले ने ही दिया था कत्ल का सामान

आरोपी नोविन्दों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसे विनोद साव के मरने का दुख भी है. यह बात नोविन्दो ने अपने इकबाल-ए-जुर्म में कही है. बकौल नोविन्दो, विनोद साव से उसकी दोस्ती थी. इसी दोस्ती में उसने विनोद को 60 हज़ार रूपये कर्ज़ के तौर पर दिए, और इसी कर्ज ने दोस्त को दोस्त का क़ातिल बना दिया. नोविन्दो के मुताबिक विनोद माले का नेता था और उसी बात का रौब दिखाकर वह कर्ज चुकाने में आनाकानी करता था. पिछले दो महीने से ज्यादा समय से नोविन्दो उससे पैसों की मांग कर रहा था लेकिन विनोद पर उसका कोई असर नहीं हुआ. इसी दौरान विनोद ने एक दिन नोविन्दो को एक देसी कट्टा और कारतूस देकर कर्ज की रकम से दस हजार रूपये कम कर देने की बात कही. नोविन्दो ने कट्टा लेकर उतनी रकम कम भी कर दी, बावजूद इसके बाकी की रकम विनोद देने को तैयार नहीं था.

नोविन्दों ने बताया कि विनोद जुआ तो खेलता था लेकिन पैसे नहीं होने की बात कह कर उसका कर्ज नहीं चुकाता था. इसी बात से नाराज होकर नोविन्दो ने अपने भाई भृगु से साथ मिलकर विनोद को सबक सिखाने की सोची और उसे जुआ खेलने बुलाया. आरोपी की मानें तो वह विनोद को मारना नहीं चाहता था बल्कि उसी के दिए हुए कट्टे से उसे डरा रहा था. इसी दौरान कनपट्टी के पास रखे कट्टे से गोली चल गई और विनोद वहीं ढेर हो गया. विनोद की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लकर नौबतपुर थाने पर पथराव भी किया था. पथराव के मामले में ही शैलेश मांझी पुत्र मन्दीप मांझी, निवासी गोविन्दपुर, थाना नौबतपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

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