छात्रवृत्ति घोटाला : एसएम राजू को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक

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पटना (एहतेशाम): एससी एसटी छात्रवृति घोटाले में अभियुक्त बनाये गये वरीय आईएस और तत्कालीन सचिव एस.एम. राजू को पटना उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए निचली अदालत से केस डायरी की मांग की है. न्यायाधीश बिरेन्दर कुमार की एकलपीठ ने एस.एम. राजू की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

गौरतलब है की एससी एसटी छात्रवृति घोटाला में एस.एम. राजू सहित सोलह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है. इसमें विशेष सचिव सुरेश पासवान, इन्द्रजीत मुखर्जी सहायक निदेशक, संजय कुमार परखंड कल्याण पदाधिकारी, सचिव व निदेशक, गोंना इंस्टीट्यूट साइंस टेक्नोलॉजी विशाखापत्तनम सहित सोलह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है जिसमे सचिव पद पर रहते हुए करोड़ो रुपये का बंदरबाट करने का आरोप लगाया गया था.

इन अभियुक्तों पर धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471, 477(ए) 120बी. भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत इन पर प्राथमिकी दर्ज किया गया था. इस घोटाले कि जांच के उपरांत इस बात कि पुष्टि हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को योजनाबद्ध तरीके से संस्थानों में नामांकन कराकर छात्रवृति कि साड़ी राशि का गबन किया गया है.

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यह मामला साल 2013-14 में अनुसूचित जाति/जनजाति प्रवेशिकोत्तर परीक्षा से सम्बंधित है निगरानी विभाग ने इसकी जांच मार्च में शुरू किया था, जिसमे यह पाया गया कि विशाखापत्तनम की गोंना इंस्टीट्यूट साइंस टेक्नोलॉजी के 25 छात्र को गलत तरीके से छात्रवृति दी गई. जांच में यह बात भी स्पष्ट हो गया कि इस संस्थान से पंद्रह छात्र संस्थान छोड़ चले गए फिर भी उनके छात्रवृति के राशि को भुगतान किया गया है. इसमें गुंटूर अभियंत्रण कॉलेज के निदेशक को भी नामित किया गया था.

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