‘आओ मारे मन का रावण’

पटना: ” सदा ने अपने सप्‍ताहिक नाटक कड़ी में खगौल के रेलवे स्‍टेशन पर शनिवार की सुबह ‘आओ मारे मन का रावण’ पेश कर लोगों को यह बताने का प्रयास किया कि वह हर साल रावण को मारते हैं क्‍या वह कभी अपने मन का रावण मार कर सफल समाज निमार्ण का कार्य नहीं कर सकते ।

gh23उदय कुमार द्वारा लिखित इस नाटक में कलाकार शोएब कुरैशी, कबिर श्रीवास्‍तव, मनोज सिन्‍हा प्रेम रजा ने बेजोड़ अभिनय करते हुए लोगों से यह प्रश्‍न पूछा कि हर साल हम रावण मारते क्‍या इससे मन का रावण मर जाता है? आज आवश्‍यकता है कि हम मन का रावण मारें मन रावण हमारे भीतर भ्रष्‍टाचार, बेईमानी ,ठगी, चोरी, अपराध जाता पात धर्म के नाम पर लडना आज भी मन में वर्षों से बैठा है। इस लिए हम सभी को मन का रावण मार कर सफल समाज का निमार्ण करना होगा। इस बार रावण दहन करने जायें तो पहले मन का रावण मार दें।

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