पिता-बेटे की बीमारी ने सिखाया दवा बनाने का तरीका

पटना : कहते हैं आवश्यकता ही अविष्कार की जननी होती है। यह कहावत बिहार कैडर के वरीय आइएएस अधिकारी एसएम राजू पर बिलकुल सटीक बैठती है। एसएम राजू ने एंटी एंजिग, कैंसर, डायबिटिज, कैंसर समेत लिवर की आयुर्वेदिक दवाएं बनायी हैं। आपको थोड़ी देर के लिए यह जान कर हैरानी जरूर होगी कि एक प्रशासनिक अधिकारी इस तरह से इतनी बड़ी बीमारियों की दवाएं कैसे बना सकता है, लेकिन यह सच है।

एसएम राजू ने अपने घर की जरूरत को देखते हुए वह कर डाला, जो हम और आप करने में कई बार सोचेंगे। राजू के पिताजी को किडनी की बीमारी थी, उनके बेटे को कैंसर हो गया था। वे अंग्रेजी दवाइयों के भरोसे अपने पिता और बेटे का इलाज करा रहे थे। लेकिन, इस इलाज से उनकी बीमारी ठीक नहीं हो रही थी, उल्टा इसके कई साइड इफेक्ट्स भी हो रहे थे, जिसके बाद एसएम राजू ने तय किया कि वे खुद अपने पिताजी की बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवा बनाएंगे। धीरे-धीरे उन्होंने इस पर काम करना शुरू कर दिया और अपने दृढ़निश्चय और मेहनत की बदौलत ऐसी दवा बना डाली, जिससे उनके पिता और पुत्र दोनों ठीक हो गये।

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‘पिताजी की बीमारी के बाद बहुत दुखी था’
एसएस राजू ने लाइव सिटीज से खास बातचीत में बताया कि मुझे 2008 में पता चला कि पिताजी को किडनी की बीमारी है। उनका इलाज संभव नहीं था। डायलिसिस और कई प्रकार की दवाओं के सेवन के बाद भी उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। दवाओं का उल्टा साइड इफेक्ट्स हो जाता था। इस परिस्थिति में मैं बहुत दुखी और परेशान था। फिर मैंने तय किया कि क्यों न कोई ऐसी दवा बनायी जाये, जिसका कोई साइड इफेक्ट्स भी न हो और मेरे पिताजी की बीमारी भी ठीक हो जाये। मैंने इस पर काम करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे अपने काम से समय बचा कर दवा बना ली। इस दवा से पिताजी की सेहत में काफी सुधार हुआ है। एसएम राजू आगे कहते हैं कि 2010 में मेरे बेटे को कैंसर हो गया था उस समय भी मैने अंग्रेजी दवाओं की जगह बेटे को अपनी बनायी दवा खिलाने का निश्चय किया। मैं फिर अपने बेटे की दवा बनाने में जुट गया और आखिरकार उसके कैंसर की बीमारी के लिए मैंने दवा बना डाली और उसके सेवन से मेरा बेटा भी अब स्वस्थ है।

सरकार ने अब तक 14 दवाओं को दिया लाइसेंस

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एग्रीकल्चर विज्ञान से ग्रेजुएट एसएम राजू को विज्ञान और आयुर्वेद में रुचि तो शुरू से ही थी। लेकिन, उन्होंने कभी यह नहीं सोचा होगा कि वे इतनीे गंभीर बीमारियों की दवा बनाएंगे। बिहार कैडर के आइएएस अधिकारी एसएम राजू ने बिहार सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अपर सचिव हैं। उन्होंने बिहार के कई बड़े विभागों में अपना योगदान दिया है, लेकिन अपने काम के अलावा राजू ने आयुर्वेदिक दवाओं पर भी काफी काम किया। अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से किसी तरह समय निकाल कर वे इस काम में लगे रहे, जिसका परिणाम यह है कि भारत सरकार ने एसएम राजू द्वारा बनायी गयी कुल 14 दवाओं को मान्यता दे दी है। ये दवाएं एंटी एजिंग, कैंसर, डायबिटिज, लिवर, बोन, किडनी आदि बीमारियों से संबंधित हैं।

कुछ यूं बनायीं दवाएं

gh3एसएम राजू ने जब बड़ी बीमारियों की दवा बनाने का निश्चय किया, तो उन्होंने सबसे पहले यह रिसर्च किया कि आजकल के लाइफस्टाइल की वजह से लोगों को ज्यादा बीमारियां घेर रही हैं। इसके बाद उन्होंने प्रकृति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया। उन्होंने आयुर्वेद की किताबें पढ़नी शुरू कीं और लगभग 30 रामबाण जैसी जड़ी-बूटियों पर काम करना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले जो दवा बनायी, उसका प्रयोग अपने पिता जी पर ही किया। उनका यह प्रयोग सफल रहा और उनके पिताजी की बीमारी ठीक हो गयी। एसएम राजू ने अपनी दवाओं के बारे में बताते हैं कि ये दवाएं पूर्णत: आयुर्वेदिक है, जिसका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। ये दवाएं ‘मिरेकल ड्रिंक्स’ के नाम से उपलब्ध हैं। इनसे संबंधित जानकारी वेबसाइट miracledrinks.in पर जाकर प्राप्त की जा सकती है।

कई बड़ी हस्तियों का कर चुके हैं इलाज
एसएस राजू की दवाओं को इस्तेमाल करने में आम से लेकर खास तक शामिल हैं। राजस्थान हाईकोट के चीफ जस्टिस एसएन झा, फिल्म अभिनेता आदित्य पंचोली से लेकर कई मंत्री और बड़े अधिकारी तक उनकी दवाओं के इस्तेमाल से स्वस्थ्य हो गये हैं। एसएम राजू ने बताया कि उनकी बेंगलुरु बेस्ड इस प्राइवेट कंपनी के लाभ का 50 प्रतिशत हिस्सा गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए खर्च किया जायेगा।

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