LIVE PATNA : यहां दो समोसे में भी मिला 2000 का खुल्ला, वहां नोट है बेवफा

पटना : 500 और एक हजार रुपए के नोटों के बंद होने और नए नोटों से सिर्फ आम जनता और बड़े दुकानदार ही नहीं बल्कि सड़क के किनारे अपनी रेहड़ी सजाने वाले स्ट्रीट फूड कार्नर के दुकानदार भी परेशान हैं. 500 और एक हजार रुपए के नोटों के बंद होने के बाद रेहड़ी वालों या फिर स्ट्रीट फूड वालों को सबसे अधिक परेशानी 2000 के नए नोटों के खुल्ला देने में हो रही है. कई दुकानदार ग्राहकों को सिर्फ इसीलिए लौटा रहे हैं क्योंकि उनके पास 2000 रुपये के नए नोट हैं. स्ट्रीट फूड कॉर्नर वाले दुकानदारों की इन्ही परेशानियों, उनके धंधे पर नोटबंदी के असर साथ ही साथ स्ट्रीट फूड के चहेतों को ध्यान में ऱखते हुए लाइव सिटीज की टीम ने मंगलवार को उनका हाल जाना. हम पहुंचे राजधानी के कुछ चुनिंदा स्ट्रीट फूड कार्नर और वैसे दुकानों पर जो सबसे खास हैं. पेश है नीरज प्रियदर्शी और आदित्य नारायण की रिपोर्ट :

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सरदार जी ने दो समोसे लेने पर कर दिया 2000 का खुदरा

फ्रेजर रोड स्थित आकाशवाणी पटना के गेट के ठीक सामने सरदार जी के समोसे की दुकान. वैसे तो आजकल लोग बैंक से नोट बदलने के लिए कतार में लगे हैं, पर सरदार जी पनीर एंड स्नैक्स सेंटर पर समोसे और पनीर चॉप लेने के लिए कतार लगी थी. जांचने के लिए हमने भी दो समोसे के लिए 2000 का नोट पकड़ा दिया. अचरज की बात ये थी कि सरदार जी ने एक बार भी मना नहीं किया. दो समोसे के 26 रुपये काटकर बाकी के 1974 रुपए लौटा दिए. बाद में हमने सरदार जी से अपना परिचय देते हुए बात की तो उन्होंने बताया कि यदि मेरे पास खुल्ले होते हैं तो मैं ग्राहकों को नहीं भेजता. अभी थे तो दे दिया. कहते हैं धंधे पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन थोड़ा प्रभावित जरूर है.

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ग्राहकों को लौटाने लगा है डीके लिट्टी वाला

डाकबंगला चौराहे पर डीके लिट्टी सेंटर अपने 2000 रुपए के खुल्ले नहीं होने के कारण ग्राहकों को लौटाने लगा है. दुकान पर लिट्टी सेंक रहे सूरज ने कहा कि हमने अपने कई ग्राहक लौटाए हैं. शुरुआत के दो-तीन दिनों तक हमने अपने ग्राहकों के पुराने नोट भी लिए थे. लेकिन, अब हम भी नहीं ले रहे हैं. सूरज ने ये भी बताया कि धंधे पर भी इसका असर पड़ा है. लोग कम हुए हैं.

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मौर्यालोक में चाउमिन खाना है तो ले जाइए खुल्ले 

मौर्या लोक परिसर में स्थित फेमस चाउमिन और फास्ट फुड सेंटर, बंजारा पास्ट फुड. आम दिनों में शाम के समय इस फास्ट फुड सेंटर पर अच्छी खासी भीड़ लगी रहती है. लेकिन नोटबंदी के बाद से इनके ग्राहक कम हो गए हैं. इन्होंने अपने कैश काउंटर के पास ही कागज पर लिख कर चिपका दिया है कि 500 और एक हजार के नोट स्वीकार नहीं किए जाएंगे. पूछने पर बताते हैं पूरा बाजार खराब हो गया है. 2000 का नोट लेकर तो लोग आ रहे हैं, लेकिन आप ही बताइए किए यदि इस तरह के चार नोट मिल जाएं तो गल्ले का सारा खुदरा ही खत्म हो जाएगा. इसीलिए हम 2000 के नोट भी नहीं ले रहे हैं. यदि कोई बड़ा ऑर्डर करता है तो उसके लिए ठीक है.

पान के शौकीनों को लिए भी मुश्किल हैं बड़े नोटों के साथ पान खाना

मौर्या लोक परिसर में ही है राजधानी पान शॉप. इस पान शॉप के चर्चे पूरे पटना में हैं. पान के शौकीनों के लिए ये पसंदीदा जगह है. लोेकिन बड़े नोट के साथ पान खाने आ रहे हैं तो सावधान. पान शॉप के मालिक संतोष कुमार साफ कहते हैं पान खाने के लिए ये कैसे चलेगा. हम जहां से माल मंगाते हैं वो भी तो अब पुराने नोट नहीं ले रहा है. 50-100 रुपए के पान पर 2000 का खुल्ला कितना देंगे. हालांकि इनके यहां सजना-सजनी स्पेशल पान भी है 701 रुपए की कीमत का. उस पान पर 2000 का नोट मिल जाएगा.

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कुल्हड़ चाय भी मिलेगी किस्मत से

एसके पुरी रोड में स्थित कुल्हड़ चाय की चर्चित दुकानों पर चाय के शौकीनों का मजमा देखकर यूं मत समझिए कि उनके लिए आसान है चाय पीना. कुल्हड़ चाय वाले ने कहा कि यदि कोई 500 का नोट या 2000 का नोट देता है तो वो हमारे पास से रोज दिन में कम से कम तीन बार चाय पी ही लेता है. कुछ दिनों तक लगातार पीने पर उसका पैसा निकल जाता है. वैसे कुल्हड़ चाय वाले  ने ये भी दिखाया कि उसके गल्लें में 2 हजार रुपये के नोट थे.

सोडा वाला भी है परेशान

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एसके पुरी पार्क के पास सोडा बेच रहे ज्ञानू सोनी ने कहा कि सबसे खराब हो गया है उनका धंधा. अभी तक एक भी 2000 रुपये का नोट नहीं ले सके हैं. सोडा के शौकीन भी मन मसोस कर रह जा रहे हैं. ज्ञानू कहते हैं कि यदि 500 का नोट भी आ जाता तो लौटाना आसान था. मेरी दुकान पर युवा आते हैं. लेकिन उनके पास कहां इतना खुदरा है कि सोडा पीने आएं. धंधा आधा चौपट हो गया है.

 

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