समस्तीपुर की इन छात्राओं के हौसले को सलाम, CLC नहीं मिला तो उठाया ये बड़ा कदम

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समस्तीपुर/रोसड़ा(राजू गुप्ता): स्थानीय यू आर कॉलेज रोसड़ा कार्यालय में घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चला. एक तरफ कार्यालय कर्मी मौजूद छात्राओं को टरकाना चाहते तो दूसरी तरफ छात्राएं मामले को फूल एंड फाइनल करना चाहती थी. काफी मान मनोव्वल के बाद छात्राएं घर वापस लौटने के लिए तैयार हुई. तब जाकर कर्मियों ने राहत की सांस लेते हुए कॉलेज को बंद किया. ये हाई वोल्टेज ड्रामा सोमवार को रात 8 बजे तक चला. सीएलसी लेने के लिए दर्जन भर छात्राएं इतनी रात तक डटी रहीं.

मिली जानकारी के मुताबिक़ स्थानीय उदयनाचार्य रोसड़ा कॉलेज में कर्मियों की मनमानी के कारण घंटों प्रतीक्षा के बाद भी सीएलसी नहीं दिये जाने पर छात्राओं ने कार्यालय कक्ष में ही बैठकर अपना प्रतिरोध जताना शुरू कर दिया. छात्राओं के यहां जमे रहने से कॉलेज में मौजूद तीन कर्मी असमंजस की स्थिति में थे.

कर्मियों की मंशा थी कि संध्या होने के कारण छात्राएं स्वत: चली जाएंगी और तब कार्यालय में ताला लगा दिया जाएगा. लेकिन मौजूद छात्राएं टस से मस नहीं हो रहीं थी.  मीडियाकर्मियों के पहुंचने के पश्चात प्रधानाचार्य डॉ. सुनीति कुमारी के मंगलवार को हर हाल में सीएलसी उपलब्घ कराने के आश्वासन पर ही छात्राएं कार्यालय से बाहर निकली.

कॉलेज कार्यालय में मौजूद छात्रा प्राची कुमारी, मोना कुमारी, रिंकी कुमारी, उपासना कुमारी, मेधा कुमारी, स्नेहा व शशिबाला प्रिया आदि ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे से सभी कॉलेज परिसर में मौजूद थे. सुबह ही हम सबों ने सीएलसी का शुल्क के साथ आवेदन जमा कर दिए थे. आवेदन जमा लेने वक्त कॉलेज के कार्यालय कर्मी द्वारा दो बजे तक सीएलसी दिये जाने की बात कही गयी थी.  जब तीन बजे के बाद भी हम छात्राओं को सीएलसी निर्गत नहीं किया गया तो हमलोग प्राचार्य के पास पहुंची. प्राचार्य द्वारा कहा गया कि शाम तक मिल जाएगा. चार बजे के आस-पास सीएलसी निर्गत किये बगैर अधिकांश कर्मी व प्राचार्य कॉलेज से निकल गयीं. जिससे हमलोगों को काफी निराशा हुई. जिसके पश्चात हमलोगों को  ये कदम उठाने को विवश होना पड़ा.

इस दौरान छात्राओं का आरोप था कि कॉलेज कर्मी उन छात्र-छात्राओं को ही तरजीह देने में लगे रहते हैं, जिनकी पहुंच व पैरवी कॉलेज कर्मियों तक है. अन्य छात्र-छात्राओं के साथ आर्थिक दोहन की मंशा से टाल-मटोल की नीति अपनाकर छात्र-छात्राओं को बेवजह परेशान किया जाता है. जानकारी पर काफी छात्र एवं छात्राएं के अभिभावक भी जुटे हुए थे. सबो कॉलेज के कार्यशैली पर नराजगी जता रहे थे.

इधर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुनीति कुमारी ने बताया कि सोमवार को कॉलेज में छात्रों की अधिक भीड़ रहने व कर्मियों की कमी रहने के कारण बारी-बारी से सीएलसी निर्गत करने का कार्य किया जा रहा था. जिन छात्राओं को आज सीएलसी नहीं मिल पाया है उन्हें मंगलवार को हर हाल में दे दिया जाएगा.

इस घटना को जिसने सुना उसने छात्राओं को शाबाशी दी है. लोगों ने कहा कि फूल बनी चिंगारी, सब पर हुई भारी. ये दिन सभी कर्मियों को याद ही रहेगा.

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