शरद गुट के निशाने पर RCP सिंह, राज्यसभा सदस्यता ख़त्म करवाने की दी याचिका

नई दिल्ली : जनता दल यूनाइटेड का शरद यादव गुट अब नया दांव खेलने की तैयारी में है. शरद खेमा ने अपना निशाना अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ख़ास माने जाने वाले जदयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह को बनाया है. शरद गुट की ओर से जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये छोटूभाई वसावा ने आज मंगलवार को आरसीपी सिंह की संसद सदस्यता समाप्त करने की याचिका राज्यसभा सभापति के समक्ष पेश की है.

वसावा ने पार्टी के राज्यसभा सदस्य अली अनवर के माध्यम से पेश याचिका में राज्यसभा सदस्यता अयोग्यता नियम 1985 के नियम छह के तहत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जदयू ने पार्टी के निर्णयों का घोर उल्लंघन करते हुए एनडीए से तालमेल कर लिया है. अब आरसीपी सिंह अपने कार्यकलापों और बयानों से लगातार नीतीश का समर्थन कर रहे हैं. इससे साफ है कि सिंह ने भी जदयू की प्राथमिक सदस्यता स्वत: छोड़ दी है.

याचिका में वसावा ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जदयू की अगुवाई में बने महागठबंधन की शर्तों का हवाला देते हुये राज्यसभा के सभापति से सिंह को सदन की सदस्यता के अयोग्य ठहराने की मांग की है.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाला जदयू का गुट पहले ही अली अनवर और शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की राज्यसभा सभापति के समक्ष अनुशंसा कर चुका है. यहां दिलचस्प बात यह है कि अली अनवर और शरद यादव के बारे में भी जदयू नेताओं ने वैसे ही तर्क दिए हैं, जैसे अब शरद गुट आरसीपी के बारे में दे रहा है. जदयू ने शरद पर आरोप लगाया था कि उन्होंने लालू प्रसाद की रैली में जाकर स्वेच्छा से पार्टी छोड़ दी है.

बता दें कि जदयू का नीतीश गुट सिंह को शरद यादव की जगह राज्यसभा में पार्टी का नेता नियुक्त करने के बारे में पहले ही सभापति कार्यालय को सूचित कर चुका है. इसके बाद ही नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह के माध्यम से शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता समाप्त करने की सभापति के समक्ष अनुशंसा की थी. दोनों सांसदों की सदस्यता रद्द करने की अर्जी राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू के समक्ष लंबित है.

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