हर मोर्चे पर Bihar : राहुल गांधी को MP में बाइक से उतार खेतों में चलाने वाले SP हैं सिवान के

rahul

रायपुर/पटना : हर कठिन मोर्चे पर बिहार आगे रहता है . याद करें,पाकिस्‍तान के खिलाफ कारगिल की अंतिम लड़ाई भी बिहार रेजीमेंट ने ही जीती थी . 1990 के दशक में जब लालकृष्‍ण आडवाणी की रथ यात्रा को आगे बढ़ने से रोकना था,तो बिहार ने ही रोका . अब मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस के वाइस प्रेसीडेंट राहुल गांधी को रोकना था . राहुल मंदसौर में पुलिस की गोली से मारे गये किसानों के परिजनों से मिलने जा रहे थे . मंदसौर के हालात अभी बहुत तनावपूर्ण हैं .

studio11

मध्‍य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की भाजपा सरकार गुरुवार को राहुल गांधी को मंदसौर तक पहुंचने नहीं देना चाहती थी . पर,राहुल भी अड़े थे . वे जानते थे कि मध्‍य प्रदेश पुलिस ऐसे जाने नहीं देगी . सो,उन्‍होंने रास्‍ता भी अलग अख्तियार कर लिया था . मध्‍य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के पहले ही वे मोटरसाइकिल पर सवार हो गये थे . राजस्‍थान की सीमा में राहुल जिस बाइक पर बैठे थे,उसे जहाजपुर के विधायक धीरज गुर्जर चला रहे थे . राजस्‍थान में कोई दिक्‍कत नहीं थी . समस्‍या तो मध्‍य प्रदेश में इंट्री के साथ आनी थी .

मध्‍य प्रदेश में निम्‍बाहेड़ा की सीमा से वे दाखिल हुए . मुख्‍य मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्‍पष्‍ट निर्देश था कि राहुल गांधी को रोका जाए . किसी भी सूरत में वे मंदसौर न पहुंचें . लेकिन सवाल था कि राहुल गांधी को रोके कौन . उनके साथ तो एसपीजी के कमांडोज रहते हैं,जो स्‍टेट पुलिस के बड़े अधिकारियों को भी तुरंत धक्‍का दे देने में समय नहीं लगाते .

ऐसे में,मध्‍य प्रदेश सरकार को भरोसा सिर्फ नीमच के एसपी मनोज कुमार सिंह से था . एसपी मनोज ने कहा था – रोक देंगे राहुल गांधी को,नहीं जाने देंगे मंदसौर . फिर भी शिवराज सरकार डरी थी . पता था,राहुल मंदसौर पहुंच गये तो आंदोलन और भड़क जाएगा .

मध्‍य प्रदेश के पुलिस स्‍टेट हेडक्‍वार्टर से राहुल गांधी के मूवमेंट की पल-पल की जानकारी ली जा रही थी . लेकिन राहुल भी तैयारी से थे . मध्‍य प्रदेश में प्रवेश करते ही उन्‍होंने राजस्‍थान वाले विधायक की बाइक छोड़ दी . अब वे मध्‍य प्रदेश के राऊ के कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की बाइक पर बीच में बैठ गये . पीछे एसपीजी का गार्ड बैठा था . बाइक की नंबर प्‍लेट पर नंबर नहीं सिर्फ श्रीराम लिखा था .

राहुल विधायक जीतू पटवारी की बाइक पर बढ़ते जा रहे थे . तभी सामने आ गये राहुल को मंदसौर पहुंचने से रोकने का जिम्‍मा लेने वाले नीमच के एसपी मनोज कुमार सिंह . बीच सड़क पर खड़े होकर उन्‍होंने बाइक को रोक दी . विधायक जीतू पटवारी तेजी से आगे निकल जाने की कोशिश करते,इसके पहले ही एसपी मनोज कुमार सिंह के साथ रहे जवानों ने बाइक की चाबी निकाल ली .

rahul

अब एसपी मनोज कुमार सिंह सीधे राहुल गांधी से मुखातिब हुए . कहा-आपको आगे नहीं जाना है . हमारे साथ चलना होगा . राहुल गांधी किसी पुलिस वाले को ऐसे पेश आते देख अवाक् थे . कुछ कहासुनी भी हुई . लेकिन जिम्‍मेदारी ओढ़े एसपी मनोज ने राहुल गांधी की बाजू पकड़ ली (देखें तस्‍वीर) . राहुल ने स्‍वयं को बचाने को विधायक जीतू पटवारी की बांह पकड़ी .

लेकिन,आदेश तामिल करने को अडिग मनोज कुमार सिंह ने फुर्ती ऐसी दिखाई कि राहुल गांधी को पैदल खेत की ओर चल देना पड़ा . परिणाम,आगे अंजान रास्‍ते में वे भटक गये . फिर पुलिस को मिले . हिरासत में लिए गए . बाद में राजस्‍थान सीमा पर उन्‍हें मंदसौर के किसानों से उन्‍हें मिलाया गया .

studio11

अब जान लीजिए कि राहुल गांधी को पकड़ने वाले नीमच के एसपी मनोज कुमार सिंह कौन हैं . मनोज बिहार के सिवान के जीरादेई के रहने वाले हैं . मध्‍य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में सफलता पास कर स्‍टेट पुलिस सर्विस में आये थे . 2009 में प्रोन्‍नति पाकर वे आईपीएस अधिकारी बन गये . मनोज के परिवार का संबंध सिंदरी से भी रहा है .

राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई करने वाले एसपी मनोज कुमार सिंह को मुख्‍य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब और बड़ी जिम्‍म्‍ेवारी दे दी है . उन्‍हें गुरुवार की रात ही गोली कांड के बाद हिंसा की आग में जल रहे मंदसौर को शांत करने के लिए मंदसौर का पुलिस कप्‍तान बना दिया गया है .

आज मंदसौर पहुंच कर वे नई ड्यूटी में लग भी गये हैं .

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*