भोजपुर में मनाया गया हिंदी दिवस

आरा : भोजपुर में बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर बड़े ही धुमधाम से देश की राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस को मनाया गया। हिंदी दिवस का आयोजन विश्वविद्यालय कॉलेज स्कूल सहित कई संस्थानो के अलावे न्यायालय में सेमिनार व गोष्ठी के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर हिंदी के कई व्याख्याताओं ने कहा कि हिंदी हमारी देश की राष्ट्र भाषा ही नहीं बल्कि मातृ भाषा भी है। हमें अपने आप पर गर्व महसूस करना चाहिए। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में आयोजित सेमिनार के दौरान प्रोफेसर नीरज सिंह ने कहा कि
आजादी की लड़ाई के वक्त राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने कहा था की राष्ट्र भाषा के बैगर पुरा राष्ट्र गुंगा होता है। हिंदी भाषा को राष्ट्रीय भाषा घोषित करने के लिए बापू ने अंग्रेजी हुकूमत में यह पैगाम भेजवाया था की हमें हिंदी के अलावा और कोई नहीं आती।  इस लिए हमें अपने राष्ट्रभाषा के प्रति हमेशा समर्पण की भावना रखनी चाहिए।

दूसरी ओर भोजपुरी जिला साहित्य सम्मेलन की ओर से एक बैठक हुई जिसमें शहर के प्रबुद्ध एवं बुद्धिजीवी वर्ग के लोग उपस्थित थे बैठक के दौरान हिंदी दिवस पर जमकर चर्चा हुई कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर पारसनाथ सिंह, प्रोफेसर दुर्ग विजय सिंह समेत कई बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने कहा कि सवा सौ करोड़ देशवासी इस हिंदी राष्ट्रभाषा को अपनी मां समझते हैं और हमारे देश की राष्ट्रभाषा को विदेशों में भी बोला जाता है। ऐसे में आज के परिवेश में हिंदी भाषा का उपयोग आने वाली पीढ़ी ज्यादा से ज्यादा करें।
वही आरा व्यवहार न्यायालय में बुधवार की दोपहर करीब तीन बजे एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय था न्यायालय में हिंदी का प्रयोग कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बार काउंसिल के महासचिव राजेश पांडेय और पप्पू पांडेय ने कहा कि बेहद जरूरी है कि न्यायालय में अधिक से अधिक हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया जाए। इस अवसर पर कई वरीय अधिवक्ता के अलावे युवा अधिवक्ता सुभाष यादव भी उपस्थित थे।

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