दो दिन बीत गये, अग्निपीड़ितों की सुनने वाला कोई नहीं

बगहा/चौतरवा: यहां आने वाले हर अजनबी चेहरे को अग्निपीड़ित गांव वाले उम्मीद भरी निगाहों से देखते है कि शायद विपदा की इस घड़ी में किसी आगन्तुक से थोड़ा सहयोग मिल जाए. लेकिन जब उन्हें कोई मदद नहीं मिलती तब उदास अग्निपीड़ित परिवार अपने-अपने कार्यो में लग जा रहे हैं.

ये दर्द भरी कहानी है बगहा प्रखंड—1 के टेसरहिया बथुवरिया पंचायत के तिवारी टोला अग्निपीड़ित परिवारों जिनका सारी अभिलाषाएं आग की लपटों में जलकर नष्ट हो गयी. दुखी परिवार आज खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. तपती धूप व बेतहासा गर्मी से ये लोग काफी परेशान है. बावजूद इसके सरकारी स्तर से कोई सहयोग मुहैया नहीं करायी गयी है. पीड़ित लोग विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से काफी आक्रोशित हैं.

अग्निपीडितों ने बताया कि मेहनत व मजदूरी कर बेटी की शादी करने हेतु रुपया इक्कठा किया था लेकिन प्रकृति ने सभी अरमानों को जला डाला. रोते बिलखते लोगों ने बताया कि अब कैसे होगी बेटियों की शादी? शादी के लिए महाजन से कर्ज लिये अग्निपीड़ितों के लिए यह आसमान टूटने जैसा प्रकोप ह़ै. पीडितों ने बताया कि अब सिर्फ आगन्तुकों से ही सहयोग की आस है, ताकि बेटियों की शादी हो सके. हांलाकि समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भी आश्वासन देकर अग्निपीडितों को ढ़ाढ़स बढ़ाया है.

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