मोबाइल एंड्रॉयड गेम : बिहार के लाल ने लहराया परचम…

बगहा : मोबाइल एंड्रॉयड गेम की दुनिया में अब तक लोग हिंदी गेम से वंचित थे, पर इसे दो शख्सियतों ने मिल कर यह कमी पूरी कर दी है. शख्सियतों में एक देशी, तो दूसरा विदेशी हैं. देशी में कहीं और के नहीं, बल्कि अपना बिहार के हैं. बगहा पुलिस जिले के छोटे से कस्बे के रहने वाले हैं.

बगहा के रहने वाले हैं डॉ रूद्र नारायण
बगहा के रहनेवाले डॉ रूद्र नारायण पांडेय ने रूस जैसे बड़े देश में रह नेवाले अपने अभिन्न मित्र विटालियन के साथ मिलकर एंड्रॉयड गेम की स्क्रिप्ट हिंदी में तैयार की है. इस असंभव काम करे डॉ रूद्र ने रूसी मित्र के सहयोग से संभव कर दिखाया. पूछने पर डाॅ रूद्र बताते हैं कि इस गेम का नाम Brave Train है. विटालियन एक रूसी प्रोग्रामर हैं, जिसको हिंदी नहीं आती.

हम दोनों ही यूक्रेन के दोनेत्स्क शहर में 1997 से 2003 तक एक साथ पढ़ाई की है. एक इंजीनियर तो दूसरा डॉक्टर बनने के सपने देखा करते थे. सोशल मीडिया के जमाने में स्काइप और स्क्रीन शेयरिंग कर 6000 किलोमीटर दूर बैठ एक दूसरे से संपर्क करते रहे और साथ मिल कर Brave Train नामक गेम को पिछले 6 महीने की कड़ी मेहनत के बाद हम दोनों ने बनाया है.

अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत
वे आगे बताते हैं कि हिंदी को एंड्रॉयड का यूनिटी प्लेटफॉर्म जिस पर गेम बनाया जाता है, सपोर्ट नहीं करता. अक्षर फट जाते हैं. हम लोगों ने मिल कर एक प्लगइन बनाया, जिससे अब एंड्रायड पर हिंदी में गेम बनाना आसान हो गया.

हम दोनों यूनिटी प्लेटफाॅर्म वालों से कांटेक्ट में हैं, ताकि हिंदी फोंट में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा सके. टेक्नोलॉजी और एनिमेशन वालों के लिए एक नया रास्ता तो दिख ही रहा है, साथ में हिंदी भाषी लोगों के लिए भी एक अच्छा गिफ्ट है. डाॅ रूद्र का कहना है कि यूनिटी प्लेटफाॅर्म वालों से बात अगर निकल जाती है, तो और सारी भाषाओं में भी हम दोनों कुछ और विश्व जगत को उपलब्धि दे सकेंगे.

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