बगहा : ग्रामीणों ने पंडई नदी को साफ कराने की सरकार से की मांग

बगहा / गौनाहा (ओम प्रकाश श्रीवास्तव) : सीमावर्ती क्षेत्र नेपाल से बह कर आनेवाली वाली पंडई नदी के पत्थर कारोबार से क्षेत्र के हजारों मजदूर, शिक्षित बेरोजगार हो गये हैं, जो अपने परिवार का पालन पोषण करते थे. सरकार को भी करोड़ों की राजस्व की प्राप्ति होती थी, फिर भी नदी में आने वाली बाढ़ से फसल एवं गांव को नुकसान नहीं होता था.

जब तक पत्थर को चुनने का कार्य चल रहा था, उस समय नदी की चौड़ाई 200 से 300 मीटर थी. पानी का बहाव इसके गहराई में रहता था, जिससे नुकसान कम होती थी. जब से पत्थर का चुनाव बंद किया गया. यहां का उद्योग धंधा बंद हो गया है. यहां के मजदूर मजबूरन बाहर पलायन अपने परिवार के साथ करने लगे हैं.

वहीं बेरोजगार युवक नौकरी की तलाश में दर-दर भटकने लगे हैं. गरीब लोगों को घर बनाना महंगा पड़ने लगा है. राजस्व की क्षति भी होने लगी है. प्रत्येक वर्ष नदी की पेटी का सतह काफी ऊंची तथा काफी चौड़ी होती गई और नदी के किनारे वाली गांव इसके चपेट में आता गया. किसानों को मिलने वाली खुशियों का नदी के दौरान नुकसान होता जा रहा है. आज पंडई नदी की चौड़ाई 200 मीटर से बढ़कर 2000 मीटर हो गई है.

नदी में आई 12 अगस्त को विनाशकारी बाढ़ ने जहां सैकड़ों घरों के साथ हजारों एकड़ फसल एवं गन्ने का नुकसान हुआ है. सैकड़ों एकड़ जमीन अपनी चपेट में ले ली है. बांध परियोजना की सीमा 840-880 को लेकर दो दशकों से अधिक समय से इस थारूहट क्षेत्र के विकास को अवरुद्ध कर दिया गया. जहां पंडई नदी के पेटी में लाखों मजदूर, बेरोजगार  भिखना ठोरी, बल बल एवं मगुरहा तक कार्य करते थे. इतना ही नहीं इस क्षेत्र में अन्य जिलों से मजदूर आकर यहां अपनी रोजी-रोटी पाते थे.

सरकारी एवं न्यायालय के बीच का मामला बताकर इस प्रखंड की विकास रोक दी गई है. इस विषय में पूर्व सांसद, वर्तमान सांसद, यहां तक कि कई समिति ने माननीय वर्तमान मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया. लेकिन कोई आशा नहीं मिली. क्षेत्र की जनता का कहना है कि सरकार या विधायक, सांसद पत्थर चुनने का कार्य प्रारंभ कराएं या न कराएं, मगर इस पंडई नदी के पेटी की सफाई करा कर बल बल, भीखाना ठोरी कैरी, मगुरहा सिंहासनी टोला, मनी टोला, रतनी ताड़ी, बैरतवा श्रीरामपुर, अमोलावा गांव, मंझरिया बलुआ, पटखौली के साथ कई गांव इनके चपेट में आते हैं और प्रतिवर्ष कई घरों को अपने गोद में ले जाती है.

सड़क मार्ग को भी तहस-नहस कर जाती है. पंडई नदी सफाई के लिए मोबिन अहमद, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, निर्मल शर्मा, बच्चन हुसैन, बैजनाथ यादव, प्रभु कुशवाहा, हनुमान खा, चंदेशवर यादव, सुरेश यादव, शेषनाथ यादव, मुन्नी देवी, सरिता देवी, सुशीला देवी, कलावती देवी, सुषमा देवी, तारा देवी सहित सैकड़ों लोगों ने सरकार से मांग की है कि पंड़री नदी को सफाई करा कर क्षति से बचाई जाए.

2 शिक्षकों के भरोसे चल रहा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय 
राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय पीपरा कॉलोनी मात्र 2 शिक्षकों के भरोसे चल रहा है. जिसमें सहायक शिक्षिका सुंदरम कुमारी समाज अध्ययन तथा अर्चना कुमारी हिंदी पढ़ाती हैं. हाई स्कूल में कुल 180 छात्र-छात्रा नवम वर्ग में नामांकित हैं, जबकि  इस वर्ष 151 नए छात्र-छात्राओं का मैट्रिक बोर्ड के लिए फॉर्म भरा गया है तथा 16 पुराने छात्र-छात्रा इस विद्यालय से मैट्रिक का फॉर्म भर रहे हैं.

ग्रामीण उदयभान गुप्ता, विपिन तिवारी, संजय कुमार आदि बताते हैं कि विद्यालय का भवन बनकर तैयार है परंतु अभी तक प्रधानाध्यापक को सौंपा नहीं गया है. बच्चे आते हैं और चले जाते हैं. मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक ही उच्च विद्यालय में भी एचएम की भूमिका निभाते हैं. आश्चर्यजनक पहलू तो यह है कि मात्र दो विषय की पढ़ाई बच्चे विद्यालय में पड़कर शेष सभी विषयों का परीक्षा मैट्रिक बोर्ड में दे रहे हैं. इधर बीईओ विजय कुमार वर्मा बताते हैं कि हाई स्कूल में शिक्षकों का करीब 11 पद सृजित है परंतु शिक्षक के अधिक  पद खाली हैं. नया बहाली होने पर पदों को भरा जाएगा.

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