हाईटेंशन तार गिरते रहेंगे, लोगों की जान जाती रहेगी, बिजली विभाग मूकदर्शक बना रहेगा

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बगहा : बिजली का तार और पोल दिखना विकास का परिचायक है. जहाँ पर बिजली का तार और पोल दिखाई नहीं पड़ता, उस गांव या उस शहर का वार्ड पिछडा हुआ क्षेत्र माना जाता है. जहाँ पर बिजली का तार और पोल गड़ गया है और तार में बिजली नहीं दौड़ रही है, तो वहां पर बिजली के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं और जहाँ पर सब कुछ मौजूद है, तो वहां पर 11000 हजार हाई टेंशन तार गिरने का खतरा बना रह रहा है. ऐसा ही कुछ हाल बगहा शहर का है. इस शहर का कोई मुहल्ला या वार्ड सुरक्षित नहीं है. हाई टेंशन तार गिरने का खतरा बना रह रहा है.

आज सुबह की ताजा घटना है, बगहा एनएच 28 बी पर 11000 वोल्ट का हाई टेंशन तार गिरा है. तार गिरने के बाद आग की लपटें निकलनी शुरू हो गयी. गुजर रही एक तार उससे बच गयी. उससे पहले लवकुश बस बेतिया जाने वाली गुजर गयी थी. अगर यही तार बस पर गिरी होती, तो कोहरा मच सकती थी. वैसे एक वर्ष के भीतर कितने बार इस शहर में कोहराम मच गया, पर बिजली विभाग को फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनके परिवार सुरक्षित हैं. लोगों की बात माने तो एक साल के भीतर मंगलपुर में घास गडने के दौरान एक औरत, गांधीनगर बबुईटोला रोड में टायरगाडी गुजरने के दौरान दो बैल मरे.

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शास्त्रीनगर चौराहा के पास सटे एक गृह स्वामी की भैंसे मरी. रतनमाला में एक व्यक्ति शौचालय करने समय बिजली का शिकार बना. अभी हाल फिलहाल में बरवल के पास एक तंदुरूस्त सांड़ मरा है. एक वर्ष के भीतर लोगों ने बिजली विभाग के कार्यकलाप पर विरोध जताया, पर बिजली विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ा. अभी जहाँ पर बिजली की तार गिरी है. वहीं पर एक व्यक्ति कुछ ही महीना पहले हाई टेंशन तार के शिकार में मर गया. लोगों ने एनएच 28 बी को उस समय जाम किया था.

पदाधिकारी आये, आश्वासन दिए, सड़क खाली कराये, चलते बने. लोगों का कहना है कि इस तरह के घटना के बाद विभाग के वरीय पदाधिकारियों पर 302 का मुकद्दमा चलना चाहिए, तभी बिजली विभाग जनता के प्रति जिम्मेदारी निभायेगा, वरना हाई टेंशन तार गिरते रहेंगे, लोगों  की जान जाती रहेगी. बिजली विभाग मूक दर्शक बना रहेगा.

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