बगहा: घटिया सामग्री से हो रहा पुल निर्माण, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

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गौनाहा मुखिया संघ की बैठक

बगहा(चौतरवा): नेशनल हाईवे 28 बी के डूमरिया चौक से मेहुडा से मेहुडा हाई स्कुल तक जाने वाली सड़क में पुल निर्माण होने में  अनियमितता देखकर ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन क निर्माण कार्य बंद करा दिया है. ग्रामीणों ने तथा मानक के आधार पर निर्माण कराने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है. ग्रामीण जीतेन्द चौधरी, प्रदीप सिंह, दुर्वाशा सिंह, सोनु कुमार, मिथिलेश कुमार, नीपू सिंह, मृत्युजय कुमार, वृजकिशोर सिंह, अभिषेक सिंह समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण कार्य गुणवता पूर्ण नहीं कराया जा रहा है.

वहीँ घटिया सामग्री से निर्माण कार्य कराया जा रहा है. लोगों ने बताया कि मेहुडा गांव स्थित सरेह की पानी उक्त पूल से ही निकलती है. बावजूद भी संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य में काफी अनियमितता बरती जा रही है. गुणवता पूर्ण कार्य नहीं करायी जा रही है. साथ ही मानक के अनुरुप निर्माण कार्य नहीं करायी जा रही है. लोगों ने आरडब्बलूडी के कार्यपालक अभियंता समेत एसडीओ से जांच की मांग की है.

इस संदर्भ में आरडब्बलूडी के कनिय अभियंता बगहा एक मो शहंशाह ने बताया कि पदाधिकारियों की टीम पुल निर्माण की जांच में जा रही है. गुणवता पूर्ण व मानक के अनिरुप कार्य कराने की आदेश संवेदक को दी गयी है.

मसान नदी पर विकलांग ने चचरी पुल बनाकर आवागमन की शुरूआत की
बगहा प्रखण्ड एक के रायबारी- महुअवा पंचायत स्थित मशान नदी में चचरी पुल बना कर यातायात को सुचारु रुप से शुरु एक विकलांग व्यक्ति के सहयोग से हुआ है. जानकारी हो कि उक्त पंचायत से रामनगर, मुडेरा, महुई समेत दर्जनो पंचायत के गांव अब जुट गये हैं. सबसे ज्यादा बरसात के दिनों में उक्त गांव के लोगों को कष्ट उठाना पड़ता था.  चचरी पूल से जोडकर समाज के सामने एक नयी मिशाल पेश की है. रायबारी- महुअवा पंचायत के पुरब टोला निवासी विकलांग हुसैन मियां बताते हैं, कि लगभग दस वर्ष पूर्व से ही मशान नदी में चचरी पुल बना रहा था.

हालांकि चचरी पुल बनाने में लगभग सैकडों बांस लगाये गये हैं. आगे बताया कि उक्त पंचायत से रामनगर की दूरी लगभग 15 किमी से घटकर मात्र अब 9 किलोमीटर हो गई है. जबकि चचरी पुल नहीं होने पर रामनगर की दूरी लगभग 15 किमी है. उन्होंने बताया कि पंचायत के लोगों की मांग वर्षो से मशान नदी में पुल निर्माण कराने की उठती रही है. लेकिन सरकार की ध्यान केन्द्रित नहीं हुई तथा वे अपनी सहयोग से मशान नदी में चचरी पुल बनाना शुरु किया. वह  बताया कि वे भले ही विकलांग हैं, लेकिन सरकारी स्तर से उन्हें कोई सुधि अभी तक नहीं ली गयी. चचरी पुल के सहारे ही अपनी परिवार की जीविकापार्जन करते है.

उन्होंने बताया कि चचरी पुल तैयार करने मे लगभग एक सौ बांस लगा है. बाइक, चार चक्का वाहनों से पांच रुपया शुल्क के तौर पर भाड़ा वसूल लोगों से करते हैं. स्थानीय समाजसेवी मो आजाद, आरीफ रज्जा समेत दर्जनों लोगों ने मशान नदी में चचरी पुल बनने पर खुशी इजहार की है.

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