बगहा : थारु महोत्सव मेले नजर आयी समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक

बगहा/हरनाटांड़ (संतोष कुमार) :  बगहा 2 प्रखंड के थरुहट की राजधानी कहे जाने वाली हरनाटांड़ में महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर लगने वाले थारु महोत्सव मेला की तैयारी हो गई है, जो राजकीयकृत राज्य संपोषित उच्च विद्यालय हरनाटांड़ के खेल के मैदान में इसका आयोजन किया गया. मेले का आयोजन थारु महोत्सव मेला समिति के द्वारा किया गया जिसका उद्घाटन आज अनुमंडल पदाधिकारी घनश्याम मीणा तथा मुख्य अतिथि डॉ. कृष्ण मोहन राय के द्वारा किया गया.

मंच के अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद तथा संचालक महेश्वर काजी के द्वारा किया गया. स्वागत गान ममता चौधरी तथा बबीता कुमारी के द्वारा ‘स्वागत करता रउवा के’ समर्पित गान से किया गया. डॉक्टर शारदा प्रसाद ने थारु संस्कृति के बारे में बताया कि यह मेला जिसका विस्तार 1996 से किया गया हर साल की भांति इस साल भी मंच का आयोजन किया गया है.

थारु महोत्सव का उद्घाटन

थारु संस्कृति का झुमटा विरहणी पूर्वी कला का प्रदर्शन किया गया. थारू जनजाति का कुछ खास शौक होता है. जैसे कि मांस दारु खाना तथा नाच—गान करना तथा कहीं भी नाच होता है.

थारु महोत्सव का उद्घाटन

नाच में बिना थारू जनजाति के सदस्य के बिना अधूरा माना जाता है ,जैसे पहले था. आज भी पता है कि अगर किसी थारू जनजाति की महिला को अगर लड़का नहीं होता है तो सहोदरा माई के स्थान पर जाकर मन्नत मांगा करती हैं कि अगर मुझे लड़का हुआ तो मैं अपने लड़का को नाच पार्टी में दे दूंगी. ऐसा बहुत ही देखने को मिला है. इसलिए थारू जनजाति नाच गान के बहुत शौकीन होते हैं.

थारु महोत्सव का उद्घाटन

डॉक्टर कृष्ण मोहन राय के द्वारा बताया गया कि पहले 1990 में हर घर से लोग बैलगाड़ी से हरनाटांड मेला में आते थे जो पहले भुजहवा मेला के नाम से प्रसिद्ध था. घर से आनंदी का भुजा लेकर मेले में सपरिवार आते थे और मेले में इमरती मिठाई खरीद साथ में बैठ कर खाते और मेले का आनंद लेते.

थारु महोत्सव

भुजहवा मेला घूमने के लिए बगहा एसडीएम ने बैलगाड़ी की सवारी की

बगहा अनुमंडल के बगहा प्रखण्ड़ दो अंतर्गत थारूओं का भुजहवा मेला घूमने के लिए बगहा एसडीएम ने बैलगाडी की सवारी की. समाचार के मुताबिक थारूओं के परंपरागत थारू मेला का उद्घाटन करने के लिए थारू समिति ने बगहा एसडीएम को आमंत्रित किया था. मेला का उद्घाटन करने के बाद एसडीएम घनश्याम मीणा ने पारम्परिक मेला का जी भर कर आनंद लिया. इस मौके पर मेला का भ्रमण थारूओं के प्राचीन काठ बैलगाड़ी से किया. भ्रमण के उपरान्त झूला का आनन्द भी लिया. बताया जा रहा है कि मेला में आनन्दी भुजा का स्वाद भी लिया.

थारु महोत्सव

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थारू कल्याण महासंघ के अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद ने बताया कि विस्तार 1996 से बगहा अनुमंडल पदाधिकारी मसूद हसन के द्वारा शुरु किया मेला पहले हरनाटांड़ बाजार में हुआ करता था.लेकिन जगह की कमी के कारण खेल के मैदान पर मेला लगाया जाता है. इसमें सप्ताह भर मेला लगता है. साथ ही डॉक्टर प्रेम नारायण प्रसाद, डॉक्टर नर्वदेश्वर दुबे, मुखिया बिहारी महतो तथा थाना अध्यक्ष विनय मिश्रा उपस्थित थे.

 

बंगाली सामुदाय के लोगों ने निकाला भव्य जुलूस
बगहा/चौतरवा (कमल कुमार): स्थानीय चौक स्थित थाना परिसर मे दूधनाथ बाबा मंदिर में 72 घंटे की भव्य अष्टयाम- कीर्तन को लेकर बंगाली समुदाय के लोगों ने मंगलवार को भव्य जुलूस निकाला. जूलुस में 501 कुमारी कन्याएं माथे पर कलश रखकर गगनभेदी नारों के साथ कोर्ट माई स्थान परिसर गयीं तथा पूजा- अर्चना कीं. कलश यात्रा जूलुस शरणार्थी कॉलोनी, चौक होते हुए शांतिनगर, ओलीनगर समेत विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए गंडक नहर में जल भर गाजे- बाजे व गगनभेदी नारों के साथ यात्रा पूरी की.

कलश यात्रा

कलश यात्रा जूलुस को दूधनाथ बाबा मंदिर परिसर में लाया गया. वैद्धिक मंत्रोचारण के साथ इसके बाद बहत्तर घंटे का अष्टयाम शुरु किया गया. बंगाली सामुदाय के श्रीकांत हालदार, कृष्णा दास समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि 72 घंटे की अष्टयाम लगभग तीन वर्ष पूर्व से ही स्थानीय लोगों के सहयोग से होता आ रहा है. उन्होंने बताया कि अष्टयाम लगातार होता रहेगा. समाजसेवियों ने बताया कि भव्य अष्टयाम सह कीर्तन में बंगाली समुदाय के साथ ही स्थानीय लोगों समेत चौकवासियों का भी सराहनीय सहयोग रहता है.

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