जनता के बीच वोट मांगने उपलब्धियों के साथ जाऊंगा : सांसद सतीश दुबे

बगहा/अरविंद : वाल्मीकिनगर के सांसद सतीश चन्द्र दुबे को अपने संसदीय क्षेत्र में विकास करने की चिंता इन दिनों काफी लगी हुई है. उनका कहना है कि वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र में मात्र तेरह प्रखण्ड हैं, जिसमें चार प्रखण्ड तो ऐसे हैं, जहाँ आजादी के बाद भी बिजली अब तक पहुंच नहीं पायी है. विकास के लिए वहां की भूमि तरस रही है. बगल का क्षेत्र जो यूपी में है वहां विकास की रोशनी आ चुकी है, लेकिन बगल में बिहार का यह सीमावर्ती प्रखण्ड विकास के लिए तरस रहा है.

इसी तरह बगल का प्रखण्ड बगहा दो, रामनगर, शिकारपुर, गवनहा में रहने वाले आदिवासी जनजाति समाज में थारू, धांगड़ समुदाय के रहने वाले भाइयों का जो विकास होना चाहिए, वह अब तक नहीं हुआ है. इनके बीच विकास किरण पहुँचनी चाहिए, वह नहीं पहुंच पाई है. एक चैनल को दिएगए इन्टव्यू के दौरान उक्त सांसद ने मन की कसक जाहिर की. अंग्रेजों के जमाने में नरकटियागंज जंक्शन पर ट्रेनों की साफ-सफाई के लिए वाशिंग पिट थी, किन्तु अब यह स्टेशन केवल जंक्शन बनकर रह गया है. आगे कहते हैं कि बगहा, खरपोखरा, भैरोगंज स्टेशन के भवन जर्जर हो गये हैं, इनका विकास करना जरूरी है.

शिक्षा में संघर्ष का दौर देखे हुए सांसद का कहना है कि तेरहओं प्रखण्ड में मात्र एक प्रखण्ड में सरकारी काॅलेज है. लोगों के द्वारा बाहुबली कहे जाने की बात को लेकर 1991 में मैट्रिक उतीर्ण सांसद का कहना है कि लालू जी का जमाना था, मैं युवा लोगों के बीच लोकप्रिय था. सभी युवा मेरे मजबूत बांह थे. इसलिए विरोधियों ने मुझे बाहुबली कहा और आज भी युवा वर्ग का मुझ पर भरोसा है.

देखिए मेरा मकसद है कि इस क्षेत्र में कुटीर उद्योग ज्यादा से ज्यादा फैले, शिक्षा के लिए सरकारी काॅलेज की स्थापना हो, नये कल-कारखाने स्थापित हों. जो कारखाने बन्द पड़े हैं, उसे शुरू कराया जाए. बगहा-बेतिया में ओवरब्रिज जल्द से जल्द बनना शुरू हो जाए. बहरहाल अभी लोकसभा के चुनाव में काफी समय है, परन्तु सांसद को इस बात की चिन्ता है कि जिस दिन जनता के बीच वोट मांगने के लिए जाऊं तो उपलब्धि लेकर जाऊं.

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