यातायात और सड़क बगैर विकास की कहानी अधूरी

बगहा : नीलहों की भूमि पर बिहार सरकार कई विकास की कहनी लिखी और गढ़ी है. मोतिहारी, बेतिया, रक्सौल और अरेराज के क्षेत्रों में छोटे-बडे कई सरकारी आलीशान इमारतें और चौड़ी सड़कों पर उद्योग-कल कारखानों की दौड़ती गाड़ियां यह दर्शा रही है कि सुबे के मुखिया का इनायत इन क्षेत्रों पर है. इन क्षेत्रों के अपेक्षा बगहा की पृष्ठभूमि पर ध्यान दिया जाय, तो यह प्रतीत होता है कि सूबे के मुखिया की कृपा की और जरूरत है.

थारू और उरांव आदि पिछड़े क्षेत्रों में मुखिया हुजूर ने जिस तरह से ध्यान दिया, तो सड़कों के साथ-साथ अच्छे लोग डाक्टर और इंजिनयर बनकर निकल रहे हैं. पर बेतिया, मोतिहारी और रक्सौल की तुलना में बगहा अब भी काफी पिछड़ा हुआ है. उक्त शहरों से पटना राजधानी तक छ: घंटा में पहुंचना सरकारी दावा को पूरा करता है, किन्तु बेतिया से बगहा के तरफ बढ़ने पर सरकारी दावा झूठ हो जाती है. परसौनी से आगे बढ़ने पर जो कठिनाई सरकारी या आमलोग जो महसूस करते हैं. उस यथार्थ से कोई मुख मोड नहीं  सकता. बगहा-पनियहवा की जो सड़क है, वह तो सुबे के विकास पर जीभ चिढ़ाने की तरह है. सुबे में मुखीयागिरी करते हुए नीतीश कुमार की तीसरी पारी है. सब जगह विकास की कहानी लिख दिए, सिवाय नीलहों की भूमि बगहा को छोड़कर. सरकार का दावा था उद्योग लगाने और उद्योगपति बुलाने का. ऐसा बगहा में होता दिखाई भी पड़ा. उद्योग लगता-बढ़ता भी दिखाई पड़ा. उद्योग और उद्योगपति के लिए जो सुबे के मुखिया ने सब्जबाग दिखाया था.

वह पूरा होता, अबतक यहां पर दिखाई नहीं पड़ा. यहां की सड़के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अब भी टूटी हालत में रो-रोकर हाफ रही है. अपने पीठ पर गाड़ियों को दौड़ाने में असहाय हैं. इस हालत में जो भी उद्योग पति अगर टिके हैं, तो काबिले तारिफ है. बगहा तिरूपति चीनी मिल के महाप्रबंधक जी एस भटनागर से बगहा लाइव ने पूछा कि चीनी मिल के स्थापना काल से पेराई का अब तक क्या इतिहास है, तो उनका जबाब था. यह चीनी मिल दीपक यादव जी के हाथ में सन 2008 के अंत में आया है, तब से अब तक यह चीनी मिल प्रगति के पथ पर अग्रसर है. इसकी पेराई क्षमता 25000 क्विन्टल प्रतिदिन से बढ़कर आज 75000 क्विन्टल प्रतिदिन हो गया है. आगे महप्रबंधक बताते हैं कि मिल की सफलता एवं इसकी उन्नति के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का होना अति आवश्यक है, जो की किसान एवं आम जनता के लिए भी महत्त्वपूर्ण है.

महाप्रबंधक की बात की पुष्टि करते हुए जनता दलयू के युवा प्रदेश महासचिव अजय कुशवाहा बताते हैं कि सुबे के मुखिया बगैर पक्षपात किए हुए सभी जगहों का विकास कर रहें हैं. बगहा पर भी ध्यान है. यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो, उस पर सरकार काम कर रही है. बहरहाल सुबे में बगहा सुबे के अन्य शहरों और पड़ोसी राज्य के पड़ोसी शहर की तरह विकास की कहानी में आगे बढ़ना चाह रहा है, तबतक बेतिया से बगहा एवं बगहा से पनियाहावा की सड़क पर वाहन चलाना अत्यंत दुष्कर है, जब की इसी सड़क मार्ग से किसान ट्राली गन्ना, चीनी मिल ट्रक-ट्रैक्टर लेकर और सरकारी महकमा आते जाते हैं, जो कई घटनाओं के गवाह और प्रत्यक्षदर्शी बनते हैं.

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