दिव्यांग से विवाह करने पर मिलेंगे एक लाख रुपए, नगर निगम की बैठक में पार्षद नहीं दिखे उत्साहित

नगर निगम सभागार में पार्षदों, कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते समाज कल्याण के नि:शक्तता राज्य आयुक्त शिवाजी कुमार

लाइव सिटीज, बेगूसराय: आयुक्त ने निगम प्रतिनिधियों को बताया कि अगर कोई व्यक्ति दिव्यांग के साथ विवाह करता है तो सरकार उस व्यक्ति को एक लाख रुपये का लाभ मिलेगा. अगर विवाह करने वाला व्यक्ति भी दिव्यांग है तो दोनों पति पत्नी को एक-एक लाख रुपए मिलेंगे. अगर दोनों अंतर्जातीय विवाह करते हैं तो सरकार और एक-एक लाख का लाभ दोनों को देगी.

 

जनप्रतिनिधियों, वार्ड सदस्यों और पंचायत प्रतिनिधियों को ये जानना जरूरी है कि दिव्यांगों को सरकार की ओर से कौन-कौन सी सुविधा दी जा रही है. ताकि वे अपने अपने क्षेत्र के दिव्यांगों को बेहतर लाभ दिला सके व उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ सकें. ये बातें समाज कल्याण के नि:शक्तता राज्य आयुक्त शिवाजी कुमार ने नगर निगम सभागार में कहीं.

 

आयुक्त ने निगम के पार्षदों, कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की. बैठक में दिव्यांगों के लिए सदर प्रखंड में लगने वाले चलंत न्यायालय के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही पॉवर प्वाइंट की मदद से दिव्यांगों को मिलने वाली सहायता, उनके लिए बनाये गए कानून, समाज द्वारा उनको दी जाने वाली सुविधा के बारे में बताया.

 

आवास, रोजगार के लिए ऋण और अन्य मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी. निजी या सरकारी विद्यालयों में दिव्यांग का नामांकन लेना अनिवार्य होगा, वाहन खरीदारी में दिव्यांगों को सात प्रतिशत तक छूट, दिव्यांगों को एफआईआर के लिए थाना जाने की नहीं बल्कि पुलिस दिव्यांग के पास जायेगी. उन्होंने हर बड़े भवन में दिव्यांगों के लिए रैम्प बनाने, बड़े बड़े मॉल में दिव्यांगों को रोजगार देने, चौक चौराहों पर ट्रैफिक वाली जगह पर साउंड सिस्टम ट्रैफिक व्यवस्था करने सहित अन्य चीजों की जानकारी दी.

 

दिव्यांगों को लेकर नगर निगम बुलाई गयी बैठक को लेकर पार्षद उत्साहित नहीं दिखे. मात्र आठ से 10 पार्षद ही बैठक में उपस्थित रहे. अधिकांशत: पार्षदों ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया. बैठक में उपमेयर राजीव रंजन, नगर आयुक्त अब्दुल हामिद, उपनगर आयुक्त अरुण कुमार के अलावा पार्षद परमानन्द सिंह, हेमन्त कुमार, संजन देवी, बबीता देवी, गौतम राम, दासो पासवान, मंजू गुप्ता, पार्षद प्रतिनिधि बमबम सिंह, मनोज कुमार सहित सामाजिक सुरक्षा विभाग के भुवन कुमार, बुनियादी केंद्र के प्रबंधक अन्नू कुमारी आदि उपस्थित थी.

 

दिव्यांग जन भले शारीरिक रूप से कमजोर हों, परंतु ऐसे लोगों में प्रतिभाओं की कमी नहीं होती. सरकार दिव्यांगों को हर सरकारी सुविधा उपलब्ध कराना चाहती है. अधिकारी व कर्मी दिव्यांगों की समस्याओं का निपटारा करने में तेजी दिखाएं. प्रखंड मुख्यालय स्थित पुस्तकालय सभागार में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में समाज कल्याण विभाग के राज्य आयुक्त डॉ. शिवाजी कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिव्यांगों को किसी कार्यालय में आने जाने में परेशानी नहीं हो.

इसके लिए सीढ़ी वाले स्थान पर रैंप का निर्माण करवाएं. उन्होंने दिव्यांगों को अलग से शौचालय की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया. खोदावंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही नि:शक्तता प्रमाणपत्र बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र के सभी दिव्यांगों को नि:शक्तता प्रमाणपत्र निर्गत करने का निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया. उन्होंने हर सप्ताह इसके लिए विशेष कैप लगाने का भी निर्देश दिया. राज्य आयुक्त ने कहा कि दिव्यांगों को किसी प्रकार की शपथ पत्र देने की जरूरत नहीं है.

सरकार द्वारा दिव्यांग जनों के हित में चलाई जा रही कई योजनाओं की जानकारी भी उन्होंने बैठक में दी. साथ ही बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस लेने के इच्छुक दिव्यांगों को यह लाइसेंस उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है. बैठक में बीडीओ अनुरंजन कुमार, सीओ सुबोध कुमार, थानाध्यक्ष दिनेश कुमार, सीडीपीओ मीनाक्षी प्रभा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल प्रसाद, प्रखंड व अंचल कर्मी, पंचायत सेवक, मुखिया, जीविका दीदी व क्षेत्र के पंचायतों से आए दिव्यांग मौजूद थे.

दिव्यांग सूची में आएंगे 21 तरह के लोग

बैठक ने दौरान आयुक्त ने कहा कि पूर्व में सात प्रकार के ही लोग दिव्यांग की श्रेणी में आते थे. अब 21 प्रकार के लोग दिव्यांग की श्रेणी में आएंगे. उन्होंने दिव्यांगों के लिए बनाये गए कानून और धाराओं की भी जानकारी पार्षदों को दी. कहा कि अगर 15 दिन के अंदर दिव्यांग न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का पालन नहीं किया जाता तो सम्बंधित अधिकारी पर कानूनी कार्रवाई के साथ साथ सजा और जुर्माना भी लगाया जा सकेगा.