बिना दाना के मक्के की बाली देख मेयर आहत, सरकार से की मुआवजे की मांग

बेगूसराय : पूरे राज्य में मक्के की बाली में दाना नहीं आने से किसान परेशान हैं. बेगूसराय जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से मक्के में दाना नहीं आने की शिकायत के बाद महापौर उपेन्द्र प्रसाद सिंह अपने खेत पहुंचे. कई बाली को फाड़ कर देखा पर किसी में एक भी दाना नहीं या फिर 2 या 4 दाना देखने को मिला. श्री सिंह ने कहा कि मक्के की बाली देख मन विचलित हो गया है. बड़ी मेहनत से लोग फसल लगाते हैं और एक उम्मीद रहती है कि फसल तैयार होगा तो बेच कर बेटी की शादी से लेकर अन्य कार्य करेंगे.

उन्होंने कहा कि किसानों की चिंता जायज है क्योंकि खगड़िया और बेगूसराय जिला बिहार में सर्वाधिक मक्का उत्पादक जिला है और दोनों जिलों की यही हालत है. किसानों की पीड़ा के साथ हम भी जुड़े हैं. महापौर ने केंद्र और बिहार सरकार से मांग करते कहा कि अविलंब क्षति का आंकलन करने एक टीम भेजे जो सही आंकलन कर नुकसान का रिपोर्ट कर सके. साथ ही कृषि वैज्ञानिकों की टीम को भी भेजा जाय कि बाली में दाने नहीं आने के क्या कारण है यह स्पष्ट हो सके.

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श्री सिंह ने कहा कि किसान रहेंगे तभी फसल उपजेगा, किसान बचेंगे तभी अनाज का उत्पादन होगा, किसान फसल का उत्पादन करेंगे, तभी लोगों की थाली में व्यंजन पहुंचेगा और तभी लोगों की जिंदगी बची रहेगी. उन्होंने किसानों को अन्न देवता बताते हुए कहा कि खेत में बाली में दाना नहीं देख घबराए हुए हैं उनको चिंता है बेटी की शादी, कर्ज चुकाने, चिंता है परिवारों के भरण पोषण कैसे होगा.

किसानों की आर्थिक स्थिति और जरूरत की पूर्ति का दारोमदार फसल पर ही निर्भर रहता है. उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व की सरकार संवेदनशील है. किसानों की चिंता को समझते हुए सरकार आंकलन करेगी और समय रहते फसल क्षति के मुआवजा की व्यवस्था करेगी ताकि किसानों के अंदर नकारात्मक भाव उत्पन नहीं हो.