एक साथ उठी चार अर्थियां, बैंक PO पूजा के साथ पति व दोनों बच्चियों की मौत से मर्माहत है गांव

भगवानपुर/बेगूसराय : दहिया निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक राम नरेश राय के पुत्र रितेश, पुत्रवधु व दो पोती की एक साथ कथित खुदकुशी की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया. यह खबर जैसे ही फैली कि लोगों का हुजूम उनके घर पर उमड़ पड़ी. राम नरेश राय के 36 वर्षीय पुत्र रितेश कुमार ने अपनी पत्नी व दो पुत्रियों के साथ समस्तीपुर के आदर्श नगर मोहल्ले में रविवार की रात कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.

रितेश अपनी पत्नी पूजा व दो पुत्री सृष्टि व श्रेया के साथ समस्तीपुर के आदर्शनगर मोहल्ला में किराया पर रहता था. पूजा समस्तीपुर के बैंक ऑफ इंडिया के केवश शाखा में पीओ पद पर कार्यरत थी. दोनों पुत्री समस्तीपुर के ही एक कान्वेंट स्कूल में पढ़ती थी. रितेश भी होम्योपैथ का डॉक्टर था परंतु वह प्रैक्टिस नहीं करता था. बड़ा भाई रंजन कुमार मुजफ्फरपुर में रहकर गैस एजेंसी चलाता है. उसकी मां डॉ. सुनैना राय मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज में हिंदी की विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं. पिता रामनरेश राय 4 वर्ष पूर्व समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड के वीरसिंहपुर हाई स्कूल से सेवानिवृत्त हुए हैं. वे गांव में रह कर खेतीबारी करते हैं.

ग्रामीणों के अनुसार रितेश काफी मिलनसार प्रवृति का युवक था. गांव के लोग इस घटना को ले अचंभित हैं. आर्थिक रूप से सम्पन्न होने के बावजूद खुदकुशी जैसी घटना कैसे घटी ये किसी को समझ में नहीं आ रहा है.

मई 2007 में हुई थी शादी

रितेश की शादी मई 2007 में पूजा के साथ काफी धूमधाम से हुई थी. पूजा पढ़ने में काफी तेज थी. पूजा की मां रामदुलारी देवी बीएसएनएल बेगूसराय से सेवानिवृत्त हुई हैं. पिता जीवी चौधरी भी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं. पूजा के माता पिता मूल रूप से समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी की स्थायी निवासी हैं. वर्तमान में बेगूसराय में रहते हैं.

महिला बैंक अधिकारी ने पति सहित दो बच्चों के साथ की खुदकुशी ,सनसनी

एक साथ घर से निकली 4 अर्थी 

मंगलवार की शाम रितेश, उसकी पत्नी पूजा, बेटी सृष्टि व श्रेया का शव दहिया स्थित पैतृक आवास पर पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. पूरा गांव इस हृदयविदारक घटना से मर्माहत है. महिलाओं व परिजनों के क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया. समस्तीपुर से 2 एम्बुलेंस पर चारों शव के पहुंचते ही हजारों की संख्या में पुरुष, महिला व बच्चे के आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी.

पिता रामनरेश राय, मां सुनैना देवी, भाई रंजन व भाभी दहाड़ मारकर रो रहे थे. परिजन को ढांढ़स बंधाने वाले लोगों की आंखें भी इस घटना से गमगीन बना रहा. महज 15 मिनट घर पर रुकने के बाद चारों शव को दाह संस्कार के लिए सिमरिया ले जाया गया. मृतक रितेश के बड़े भाई के 12 वर्षीय पुत्र ने सिमरिया घाट पर सजी चार चिताओं को एक साथ मुखाग्नि दी. इससे घाट पर भी माहौल गमगीन बना रहा.