तेघड़ा में दो वर्षों से नाकारा पड़ी पानी टंकी, शुद्ध पेयजल को तरस रहे लोग

तेघड़ा में दो वर्षों से नाकारा पड़ी पानी टंकी

बेगूसराय(सुधांशु पाठक) : पीएचईडी की ओर से तेघड़ा नगर पंचायत को ग्रामीण जलापूर्ति योजना हस्तांतरण के दो वर्षों बाद भी विभागीय अधिकारियों ने इसका पूर्ण प्रभार नगर पंचायत को नहीं दिया है. इससे राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है. साथ ही, नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी, मुख्य तथा उपमुख्यपार्षद व पार्षदों को इस संबंध में कोई जानकारी भी नहीं है.

 

विभाग ने कहा – कहा तथा किन – किन वार्डों में जलापूर्ति के लिए पाइप बिछाया है, कितने लोगों को जलापूर्ति की स्वीकृति दी है, कितना बकाया है आदि का न तो अभिलेख दिया है और न ही अन्य कोई लेखा-पंजी आदि ही उपलब्ध करायी गई है. लगभग एक करोड़ से अधिक लागत से पीएचईडी ने नया नलकूप गाड़कर पाइपों को बिछाया लेकिन चार वर्ष पूर्व विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में मोटर चालू करते ही नयी पाइप जगह-जगह लीक होने लगी. मोटर भी तेज आवाज के साथ बन्द हो गया.

 

तब से आज तक अधिकारियों ने उसकी मरम्मत आदि से मुंह मोड़ लिया है. इधर, नलकूप व मोटर पम्प का घर धंस गया. बिजली का पोल एक वृक्ष पर झुका है. इससे कभी भी हादसा हो सकता है. सम्पूर्ण परिसर में गन्दगी का अम्बार लगा है. विभागीय जेई के लिए बनाया गया आवास भूतबंगला में तब्दील हो गया है.  विभागीय अधिकारियों ने इस योजना में कार्यरत सिविल व मैकेनिकल शाखा के कर्मचारियों को अन्यत्र भेज दिया. पूर्व से निर्मित एक जलमीनार से लोगों को एक बूंद जल भी आपूर्ति नहीं हो रही है.

 

नगर पंचायत के पूर्व उपमुख्यपार्षद एवं वर्तमान पार्षद सुरेश रौशन ने कहा कि पीएचईडी के अधिकारियों ने सरकारी धन का दुरुपयोग कर जांच में फंसने के भय से आनन-फानन में इसे नगर पंचायत को हस्तांतरित कर अपना पल्ला झाड़ लिया. उन्होंने डीएम से इसकी जांच कर दोषी अधिकारी व ठेकेदार पर कार्रवाई करने की मांग की है.

नगर पंचायत के पूर्व पार्षद सनातन प्रसाद सिंह ने बताया कि पीएचईडी ने जितने उपभोक्ताओं को पेयजल आपूर्ति की स्वीकृति दी, उसका कोई अभिलेख नहीं है. वार्ड 20 तक विभाग ने पाइप बिछाया लेकिन कहीं भी एक बूंद पानी लोगों को नसीब नहीं हो रहा है. कार्यपालक अधिकारी रमण कुमार ने कहा कि इस मामले की जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता सकेंगे.