विस्थापितों ने डीएम से भवन मूल्यांकन, पुर्नवास एवं रोजगार के लिए की मांग

दुर्गावती प्रखण्ड के बहेरा गांव के 89 परिवार कॉरिडोर फ्रेंट के तहत हैं विस्थापित

कैमुर/भभुआ (ब्रजेश दुबे): पंडित दीनदयाल उपाध्याय – गया  रेलखंड के बहेरा गांव के विस्थापित ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में पुल नम्बर 678  के पास अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए. जानकारी के अनुसार धरने पर बैठने से पूर्व ग्रामीणों ने उक्त आशय की जानकारी डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी को दी है.  विस्थापितों ने अपनी मांगों के समर्थन में लिखा है कि कमिश्नर कार्यालय द्वारा तय किया गया है कि वर्तमान दर पर 2016  के मकान का मूल्य निर्धारित किया गया था.

जिस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिला भू-अर्जन कार्यालय को मूल्यांकन दर में सुधार  के लिए मांग की गई थी लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई.  भवन प्रमंडल द्वारा 548  रुपये वर्ग फीट भवन की संरचना का मूल्यांकन किया गया है, लेकिन उनके पास 548 रुपये का वर्ग चाट उपलब्ध ही नहीं है, विस्थापितों द्वारा पुल निर्माण में अनियमितता को लेकर कार्य रोका गया था जिस पर सीएण्डसी कंपनी द्वारा पांच विस्थापितों के विरुद्ध रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराया गया था, हम सभी विस्थापित परिवार काम को रोके थे.

इसलिए हम सभी के ऊपर एफआईआर दर्ज किया जाय.  भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध डीएम से शिकायत की गई थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कि गई, परिवार के एक व्यक्ति को रोजगार दिया जाय आदि मांगों के समर्थन में विस्थापित परिवार के लोग अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए.

विस्थापितों का कहना है कि  विशेष रेल परियोजना (डेडिकेटेड फ्रेंट कॉरिडोर) का निर्माण चड्डा एंड चड्डा कंपनी द्वारा किया जा रहा है. कंपनी द्वारा गांव के विस्थापितों के पुर्नवास की जगह दुर्व्यवहार किया जा रहा है. गांव के सुखारी केवट, मनीष पांडेय, देवलाल चौधरी,केवट,रामबली मुशहर विकास गुप्ता आदि लोगों का कहा  कि जबतक मांगें पूरी नही होगी तब तक हम लोगो का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा.

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